भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( २७७ ) उन्माद योग : परिभाषा : यदि चन्द्र, राहू, पर्वत का परस्पर रेखा सम्बन्ध हो या सूर्य और राहू पर्वतों का परस्पर सम्बन्ध हो तो उन्माद योग होता है । फल : जिस व्यक्ति के हाथ में उन्माद योग होता है वह विक्षिप्त स्वभाव का तथा उन्मादी प्रकृति का होता है । उन्माद योग विष योग : परिभाषा : यदि हाथ में बुध रेखा के नीचे कई काले बिन्दु हों तो विष योग होता है । फल : जिस व्यक्ति के हाथ में यह योग होता है उसे धोखे से या विश्वासघात से जहर दिया जाता है जिससे उसकी मृत्यु होती है । विष योग श्वान योग परिभाषा : यदि शनि पर्वत पर काला धब्बा या काले बिन्दु हों तो श्वान योग होता है । फल : जिसके हाथ में श्वान योग होता है वह पागल कुत्ते के काटने से पीड़ित होता है या पागल हो जाता है अथवा उसकी मृत्यु हो जाती है । श्वान योग