बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( २८८ ) शिव योग : परिभाषा : यदि हाथ के मध्य में कोई छोटी सी लह- राती हुई रेखा हो तो शिव योग होता है । फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह व्यक्ति उच्च कोटि का व्यापारी होता है या सेना में उच्च पद को प्राप्त करने में सफल होता है । ऐसा व्यक्ति पुलिस आफिसर या सन्तुष्ट जीवन व्यतीत करने वाला देखा गया है । [शिव योग]
विष्णु योग : परिभाषा : यदि हथेली में कहीं पर कमल का सा चिह्न हो तो विष्णु योग होता है । फल : जिसके हाथ में विष्णु योग हो यह व्यक्ति समस्त ऐश्वर्य का स्वामी, आर्थिक दृष्टि से पूर्णतः सम्पन्न प्रबल भाग्यशाली, सुखमय जीवन व्यतीत करने वाला, भाषण कला में दूसरों पर प्रभाव डालने वाला तथा सभी प्रकार से सुखमय जीवन व्यतीत करने वाला होता है । [सैनिक]
ब्रह्म योग : परिभाषा : यदि हथेली में कहीं पर भी ध्वजा का चिह्न हो तो उसके हाथ में ब्रह्म योग होता है । ऐसा विद्वान कहते हैं । फल : ब्रह्म योग में जन्म लेने वाला व्यक्ति समृद्ध जीवन व्यतीत करने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति देवताओं, ब्राह्मणों तथा साधुओं पर पूर्ण श्रद्धा रखता है तथा चरित्रवान होने के साथ-साथ वह निरन्तर समाज से संबंधित शुभ कार्यों में रत रहता है । [ब्रह्म योग]