बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( २६३ ) अकस्मात् धन प्राप्ति योग : परिभाषा : जिसके हाथ में कहीं पर भी कच्छप यानी कछुए का सा चिह्न हो तो अकस्मात् धन प्राप्ति योग बनता है । फल : जिसके हाथ में यह योग होता है उसे जीवन में कई बार अचानक धन लाभ होता रहता है । अकस्मात धन प्राप्ति योग ऋषि योग : परिभाषा : यदि हाथ में कहीं पर भी कुण्डल का चिह्न दिखाई दे तो ऋषि योग होता है । फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह व्यक्ति परोपकारी, ईश्वर पर आस्था रखने वाला, सत्य वचन बोलने वाला एवं धार्मिक होता है । ऋषि योग दुर्धर्ष योग : परिभाषा : जिसके हाथ में कहीं पर भी अष्टकोण का चिह्न हो तो उपरोक्त योग होता है । फल : यह योग रखने वाला व्यक्ति अत्यन्त क्रोधी, खूंखार, दुष्ट तथा कुख्याति प्राप्त करने वाला व्यक्ति होता है । ऐसा योग डाकुओं के हाथ में देखा जा सकता है । दुर्धर्ष योग