भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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पृष्ठ 293

( २६२ ) शक्ति योग : शक्ति योग परिभाषा : जिसके हाथ में कहीं पर भी धनुष का चिह्न दिखाई दे उसके हाथ में शक्ति योग होता है । फल : जिस जातक के हाथ में शक्ति योग होता है वह व्यक्ति स्वार्थी लोभी, आलसी, तथा अन्य लोगों द्वारा अप- मानित होता है। ऐसे व्यक्ति के पास अगर द्रव्य होता भी है तो वह मूर्खतापूर्ण कार्यों में उड़ा देता है । समाज में ऐसे व्यक्ति का कोई सम्मान नहीं होता ।

श्रीमहालक्ष्मी योग : परिभाषा : जिसके हाथ में कहीं पर भी तराजू का चिह्न दिखाई दे तो वहां श्री महालक्ष्मी योग होता है । फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह लाखों में खेलने वाला तथा धर्मात्मा होता है तथा उसकी प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैली हुई होती है। जीवन में वह सभी दृष्टियों से सुखी सम्पन्न एवं सन्तुष्ट रहता है । श्रीमहालक्ष्मी योग

धनवृद्धि योग : परिभाषा : जिसके हाथ में कहीं पर भी कलश का चिह्न दिखाई दे तो धनवृद्धि योग समझना चाहिए । फल : जिसके हाथ में यह योग होता है उस व्यक्ति को निरंतर धन की प्राप्ति होती रहती है तथा उनका बैंक बैलेंस बढ़ता ही रहता है । धनवृद्धि योग