बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( २६६ ) व्याघ्रहन्ता योग : यदि हाथ में कहीं पर भी पुरुष के चेहरे का सा चिन्ह होता है वहां यह योग होता है । जिसके हाथ में यह योग होता है वह व्यक्ति गुणवान, चतुर, तथा परिस्थितियों के अनुसार अपने आपको ढालने वाला व्यक्ति होता है । सभा-चतुर, भाषण देने की कला में प्रवीण ऐसा व्यक्ति समाज में उचित सम्मान प्राप्त करता है । ऐसा व्यक्ति क्षमावान तथा गुणवान होता है और शत्रुओं का नाश करने में पूर्ण समर्थ होता है । व्याघ्रहन्ता योग दृढ योग : परिभाषा : जिसके हाथ में कहीं पर भी नेत्र का चिह्न दिखाई दे तो वहां दृढ़ योग होता है । फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह व्यक्ति दृढ़ निश्चय वाला साहसी, बलवान, तथा शत्रुओं का मान मर्दन करने वाला होता है । दृढ योग भाग्यवान योग : परिभाषा : जिसके हाथ में कहीं पर भी छतरी का सा चिह्न दिखाई दे तो वहा भाग्यवान योग होता है । फल : जिसके हाथ मे यह योग होता है वह व्यक्ति प्रसिद्धि प्राप्त चतुर, तथा बन्धु-बान्धवों का सहायक होता है । ऐसा व्यक्ति पूर्णतः भाग्यशाली कहा जाता है । भाग्यवान योग