भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( ३१४ ) २५. यदि बरोनी के पास में तिल हो तो वे असफल व्यक्ति माने जाते हैं । २६. यदि ललाट की दाहिनी कनपटी पर तिल हो तो ऐसा व्यक्ति प्रेमी समृद्ध तथा सुखपूर्ण जीवन व्यतीत करने वाला होता है । २७. यदि दाहिने कान के पास तिल हो तो ये व्यक्ति साहसी होते हैं । २८. यदि दाहिने भाग के भौंह के पास में तिल हो तो इनकी आंखें कमजोर होती हैं । २९. यदि दाहिनी नासिका की ओर तिल हो तो वह व्यक्ति धनवान, सुखी और सफल होता है । ३०. यदि दाहिनी आंख के नीचे तिल का चिह्न हो तो वे समृद्ध तथा सुखी होते हैं । ३१. यदि नासिका के मध्य भाग में तिल हो तो वह व्यक्ति यात्रा करने वाला तथा दुष्ट स्वभाव वाला होता है । ३२. यदि नासिका के बायें भाग पर तिल हो तो बहुत अधिक प्रयत्न करने के बाद सफलता प्राप्त करता है । ३३. यदि ऊपर के होठ पर तिल का चिह्न हो तो ऐसा व्यक्ति अत्यधिक विलासी और स्त्रियों का शौकीन होता है । ३४. यदि नीचे के होठ पर तिल का चिह्न हो तो ऐसा व्यक्ति निर्धन होता है तथा जीवन भर गरीबी में दिन व्यतीत करता है । ३५. यदि ठोडी पर तिल हो तो वह व्यक्ति अपने काम में ही लगा रहने वाला होता है तथा लगभग स्वार्थी होता है । ३६. यदि गर्दन पर तिल हो तो वे व्यक्ति बुद्धिमान होते हैं तथा अपने प्रयत्नों से धन संचय करते हैं । ३७. यदि बायें गाल पर तिल का चिह्न हो तो उसके जीवन में धन का अभाव रहता है । परन्तु उसका गृहस्थ जीवन सामान्यतः सुखमय रहता है । ३८. यदि दाहिने गाल पर तिल का चिह्न हो तो ऐसा व्यक्ति बुद्धिमान तथा उन्नति करने वाला होता है । ३६. यदि बायें कान के ऊपरी सिरे पर तिल का चिह्न हो तो वे व्यक्ति दीर्घायु पर कमजोर शरीर के होते हैं । ४०. यदि दाहिने कान के ऊपरी सिरे पर तिल का चिह्न हो तो वे व्यक्ति सरल स्वभाव के तथा युवावस्था में पूर्ण उन्नति करने वाले होते हैं । ४१. यदि सिर पर तिल का चिह्न हो तो व्यक्ति धनवान होता है ।