भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( ३१५* ) ४२. यदि सिर के दाहिनी ओर तिल का चिह्न हो तो समाज में उसका सम्मान बहुत अधिक होता है। ४३. यदि सिर के बायें भाग की ओर तिल का चिह्न हो तो वह जीवन भर परेशानियां उठाता है। ४४. यदि दोनों भौंहों के बीच में तिल का चिह्न हो तो वे दीर्घायु धार्मिक तथा उदार हृदय के होते हैं। ४५. यदि आंख के ऊपर या नीचे तिल हो तो वह व्यक्ति धनवान, बुद्धिमान एवं चतुर होता है। ४६. यदि गाल पर लाल तिल का चिह्न हो तो वे धनवान होते हैं, परन्तु अपनी मूर्खता से धन बरबाद कर देते हैं। ४७. यदि दाहिनी हथेली पर लाल तिल का चिह्न होता है तो वह धनवान होता है। ४८. यदि बाँयें हाथ में तिल होता है तो वह बुद्धिमानी से व्यय करने वाला होता है। वस्तुतः हाथ की रेखाओं के साथ ही साथ चेहरे पर या अन्य स्थानों पर दिखाई देने वाले तिलों का भी अध्ययन करना चाहिए जिससे उस व्यक्ति के बारे में पूरी-पूरी जानकारी प्राप्त की जा सके।