बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंशरीर लक्षण हाथ की रेखाओं के अध्ययन के साथ ही साथ व्यक्ति के शरीर का सामान्य ज्ञान भी होना आवश्यक है । शरीर की आकृति को देखते ही उसके बारे में आधा भविष्य कथन तो स्वतः ही हो जाता है । नीचे मैं पाठकों की जानकारी के लिये शरीर के सामान्य लक्षणों को संक्षिप्त रूप में स्पष्ट कर रहा हूं : कान : १. यदि कान उभरे हुए हों तथा कान की नोंक सुडौल तथा बड़ी हो तो वह सौभाग्यशाली होता है । २. यदि कान जन्म से ही लम्बे हों तो वह सुखी व्यक्ति होता है । ३. जिसके कान मोटे हों वह कोमल स्वभाव का होता है । ४. जिसके कान छोटे-छोटे हों वह बुद्धिमान होता है । ५. शंख के समान कान वाला व्यक्ति मिलिट्री में ऊंचे पद पर पहुंचता है । ६. चपटे कानों वाला व्यक्ति भोगी होता है । ७. बड़े-बड़े रोम युक्त कान दीर्घायु को स्पष्ट करते हैं । ८. बहुत मोटे कान नेतृत्व करने वाले का सूचक होता है । ९. अत्यन्त छोटे कान वाला व्यक्ति कंजूस होता है । १०. सूखे हुए कान दरिद्रता की निशानी है । ११. लम्बे और फैले हुए कान क्रूर व्यक्ति का परिचय देते हैं । १२. बड़े कान वाला व्यक्ति पूजनीय होता है । १३. चिकनाई रहित कान कमजोरी का सूचक है । १४. स्त्रियों के कानों पर केस होना विधवापन का सूचक है । १५. स्त्री के कान लम्बे हों तो अच्छे होते हैं ।