भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( ३२१ ) २. लम्बे दांत वाले व्यक्ति धनी होते हैं । ३. अन्दर की तरफ झुके हुए दांत वाले व्यक्ति दरिद्री होते हैं । ४. काले ऊबड़-खाबड़ दांत वाले व्यक्ति परेशानी उठाते हैं । ५. बत्तीस दांत वाले व्यक्ति भाग्यवान होते हैं । ६. तीस दांत वाले धन के अभाव में चिन्तित रहते हैं । ७. इकत्तीस दांत वाले भोगी होते हैं । ८. इससे कम दांत वाले व्यक्ति हमेशा दरिद्री रहते हैं । ६. जिनके दांत धीरे-धीरे उखड़ते हैं वे दीर्घ जीवी होते हैं । १०. जिस व्यक्ति के दांत एक दूसरे से अलग अलग हों वह व्यक्ति दूसरों के धन पर मौज करता है । ११. जिन स्त्रियों के दांत नोंकदार एक सीध में सफेद और आपस में मिले हुए हों वे स्त्रियां सौभाग्यशाली होती हैं । १२. जिन स्त्रियों के ऊपर तथा नीचे सोलह-सोलह दांत हों तथा गो दूध के समान श्वेत रंग के हों वे पति की अत्यन्त प्रिय होती हैं । १३. जिन स्त्रियों के दांत बहुत छोटे-छोटे हों वे दुखी रहती हैं । १४. जिनके नीचे के जबड़े में अधिक दांत हों उनको मां का सुख नहीं मिलता । १५. भयंकर तथा टेढ़े-मेढ़े दांत वाली स्त्री विधवा होती है । १६. सफेद मसूढ़े वाली स्त्री कुटिल होती है । १७. मोटे और डरावने दांत वाली स्त्री कष्ट भोगने वाली होती है । १८. यदि दांत अलग-अलग हों और बीच में दूरी हो तो वह दुराचारिणी होती है । १६. यदि दांत के ऊपर दांत आये हुए हों तो वह चतुर, स्वार्थी, तथा पति को उंगली पर नचाने वाली होती है । २०. जिनके मसूड़े काले हों वह चोर होती हैं । जीभ : १. जिस पुरुष की जीभ लाल पतली और नरम हो वह ज्ञानवान चतुर तथा ईश्वर भक्त होता है । २. जिसका आगे का भाग नुकीला हो तथा ललाई लिये हुए जीभ हो वह पूर्ण वैभव सुख प्राप्त करता है । ३. जिसकी जीभ सफेदी लिये हुए हो वे बदमाश होते हैं ।