बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( ३२२ ) ४. काली या नीली जीभ वाले व्यक्ति निर्धन होते हैं । ५. मोटी और एक समान चौड़ी अथवा पीले रंग की जीभ हो तो वह व्यक्ति मूर्ख होता है । ६. जिस पुरुष की जीभ नाक को छूती हो वह उच्च कोटि का साधक या योगी होता है । ७. लम्बी जीभ वाला व्यक्ति स्पष्टवादी होता है । ८. चौड़ी जीभ वाला व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खर्च करने वाला होता है । ९. जिन स्त्रियों की जीभ कोमल, लाल तथा पतली होती है वे सौभाग्यशाली होती हैं । १०. जिन स्त्रियों की जीभ संकीर्ण होती है वे अशुभ कहलाती हैं । ११. जिस स्त्री की जीभ मोटी हो वह पूर्ण आयु नहीं प्राप्त करती । १२. लाल रंग की जीभ रखने वाली स्त्री श्रेष्ठ पति से शादी करती है । १३. काली जीभ वाली स्त्री झगड़ालू होती है । १४. बहुत अधिक चौड़ी जीभ वाली स्त्री निरन्तर दुख उठाने वाली होती है । हास्य : १. हंसते समय जिनके दांत बाहर नहीं आते वे उत्तम व्यक्ति होते हैं । २. जो व्यक्ति हंसते समय सिर और कंधा फड़काते हैं वे भोगी अथवा पापी होते हैं । ३. आंख मूंदकर हंसने वाले व्यक्ति अधार्मिक होते हैं । ४. जिसका मुख हमेशा मुस्कराता रहता है वह जीवन में निरन्तर उन्नति करता रहता है । ५. जिस स्त्री के हंसते समय दांत न दिखाई पड़ें और थोड़ा-सा मुह खुले वह स्त्री सौभाग्यशाली होती है । ६. यदि हंसते समय स्त्री बार-बार कांपती हो या जोरों से खिलखिलाती हो वह रसिक मिजाज की तथा पर पुरुष से सम्बन्ध रखने वाली होती है । ७. जिस स्त्री के हंसते समय गाल में गड्ढे पड़ते हों वह पर पुरुष की इच्छा रखने वाली होती है । स्वर : (स्त्रियों के लिए) १. बोलते समय जिस स्त्री का स्वर वीणा के समान हो वह श्रेष्ठ होती है । २. कोकिल-सा स्वर वाली भाग्यशाली स्त्री मानी जाती है ।