बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( ३२३ ) ३. जिसकी ध्वनि मोर के समान हो उसका धनी पुरुष से विवाह होता है । ४. फटे बांस सी आवाज रखने वाली स्त्री दुखी होती है । ५. घरघराहट सी आवाज वाली स्त्री दुखी होती है । विशेष तथ्य : (स्त्रियों के लिए) १. लम्बी और काली पुतली लिये हुए जिस स्त्री की आंख हो वह श्रेष्ठ होती है । २. छोटे छोटे और काले बालों वाली पलक जिस स्त्री के हों वह सौभाग्य- शाली होती है : ३, हरिण के समान नैन वाली स्त्री शुभ लक्षण वाली मानी गई हैं । ४. गोल या बिल्ली की तरह आंख रखने वाली स्त्री कुटिल होती है । ५. जिस स्त्री की दोनों आंखें पीली होती हैं वह कामातुर होती है । ६. जिस स्त्री के दोनों नेत्र ललायी लिये हों वह पर-पुरुष के साथ विचरण करने वाली होती है । ७. जिस स्त्री के नेत्र जल से भरे हुए होते हैं वे शुभ कहलाते हैं । ८. जो स्त्री देखते समय आंख फाड़ती हो वह कुटिल स्वभाव की होती है । ९. पुरुष के समान आंख वाली या धंसे हुए नेत्र वाली स्त्री चंचल होती है । १०. जो स्त्री बात करते समय बाई आंख दबाती है वह व्यभिचारिणी होती है । ११. जो बात करते समय दाहिनी आंख दबाती हो वह कम सन्तान वाली होती है । १२. कमानीदार भौहें रखने वाली स्त्री शुभ मानी गई है । १३. खुरदरे बालों वाली भौहें अशुभ होती हैं । १४. जिन स्त्रियों की भौहें न हों, वे निर्धन होती हैं । १५. जिनकी भौहें मोटी हो वे पर पुरुष में रत रहती हैं । १६. जिस स्त्री के भौहों के बाल बड़े-बड़े हों वह सन्तान-हीन होती है । १७. जिस स्त्री के बायें गाल पर मस्सा या तिल होता है वे श्रेष्ठ कही जाती हैं । १८. कण्ठ पर तिल हो उसके पहला पुत्र होता है । १९. जिसके नख सुन्दर हों वह दयालु होती है । २०. जिसके नेत्र लम्बे चौड़े हों तथा चौड़ी छाती एवं पतली कमर हो वह समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त करती हैं । २१. जिस स्त्री की लम्बी और पतली उंगलियां हों वह दीर्घायु होती है ।