भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

पृष्ठ 325, कुल 350 में से

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पृष्ठ 325

( ३२४ ) २२. जिस स्त्री के गले में तीन रेखाएं दिखाई दें वह ऐश्वर्य-शालिनी होती हैं । २३. जिस स्त्री के होठ लम्बे और मोटे हों वह पति को धोखा देने वाली होती है । २४. जिस स्त्री के नख तथा होठ कालापन लिए हुए हों उसका चरित्र उज्ज- वल नहीं होता । २५. सोते समय जिस स्त्री के मुंह से लार टपकती हो वह कुलटा होती हैं । २६. जिस स्त्री के हंसते समय गालों में गड्ढे पड़ते हों और नेत्र घूमते हों वह व्यभिचारिणी होती है । २७. बहुत छोटे मुंह वाली पति को धोखा देती है । २८. बहुत लम्बे मुंह वाली स्त्री निर्धन होती है । २६. जो स्त्री सोते समय दांत पीसती हो वह लक्ष्मीहीन होती है । ३०. जिस स्त्री के नेत्र छोटे हों वह शुभ लक्षण वाली नहीं मानी जाती । ३१. जिस स्त्री का सिर समान तथा गोल हो वह दीर्घायु होती है । ३२. जिस स्त्री के ललाट में चार रेखाएं होती हैं वह सौभाग्यशाली होती हैं । ३३. जिस स्त्री के ललाट में तीन रेखाएं हों वह दीर्घायु होती है। ३४. एक रेखा वाली स्त्री शुभ नहीं कहलाती । ३५. जिन स्त्रियों के तलवे चिकने कोमल तथा समान हों वे सुख उठाती हैं। ३६. रूखे और कठोर तलवे वाली स्त्री दुर्भाग्यशील होती है । ३७. जिन स्त्रियों के चलते समय थप-थप की आवाज आती है वे मूर्ख होती हैं । ३८. जिनके पैरों में शंख, कमल, ध्वजा या मछली का चिह्न हो वे करोड़पति से शादी करती हैं। ३६. जिस स्त्री के चरण में पूरी उर्ध्व रेखा हो वह अखण्ड भोग उठाती है । ४०. जिस स्त्री के पैर का अंगूठा मांसल तथा गोल हो वह भोग कारक होता है । ४१. यदि अंगूठा चपटा और टेढ़ा-मेढ़ा हो वह सौभाग्य नाश करता है । ४२. जिस स्त्री के पैर का अंगूठा लम्बा होता है वह दुर्भाग्यशालिनी होती है। ४३. जिस स्त्री के पैर की उंगलियां कोमल तथा जुड़ी हुई हों तो वे शुभ फल प्राप्त करने वाली होती हैं । ४४. जिस स्त्री के पैर की उंगलियां लम्बी होती हैं वे दुराचारिणी होती हैं । ४५. यदि पैर की उंगलियां पतली हों तो वे धनहीन होती हैं । ४६. टेढ़ी उंगलियों वाली स्त्री कुटिल होती है ।

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