बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
पृष्ठ 333, कुल 350 में से
संदर्भ में पढ़ें( ३३२ ) हस्त रेखा ग्रन्थों में हस्तरेखा से संबंधित तथ्य होते हैं। परन्तु किसी में भी व्यावाहारिक ज्ञान का उल्लेख नहीं मिलता । जिसकी वजह से हस्त रेखा के विद्यार्थी इससे संबंधित थ्योरी तो सीख जाते हैं। परन्तु उन्हें प्रेक्टिकल ज्ञान नहीं होता । इस पुस्तक में पहली बार प्रेक्टिकल ज्ञान देने का प्रयास किया जा रहा है । इसके लिए एक अनजान महिला का हाथ डा० श्रीमाली के समाने रख दिया गया और उस महिला के हाथ को देखकर उन्होंने जो विश्लेषण किया वह नीचे की पंक्तियों में स्पष्ट है । डा० श्रीमाली को जिस महिला का हाथ दिया गया था वह इसी पृष्ठ पर प्रकाशित है । उनके पास जो हाथ का चित्र भेज गया था उस पर न तो महिला का नाम लिखा गया था और न इससे संबंधित कुछ भी तथ्य स्पष्ट किया गया था ।