भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

पृष्ठ 34, कुल 350 में से

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( ११ ) विभिन्न प्रकार के नाखून १. छोटे नाखून : छोटे नाखून व्यक्ति की असभ्यता को प्रदर्शित करते हैं। जिस व्यक्ति की उंगलियों पर छोटे-छोटे नाखून होते हैं। इन्हें देखकर तुरन्त समझ जाना चाहिए कि इस व्यक्ति ने भले ही सभ्य और उन्नत घराने में जन्म लिया हो पर प्रकृति से वह संकीर्ण विचारों वाला कमजोर तथा दुष्ट स्वभाव वाला ही होगा। २. छोटे और पीले नाखून : ऐसे नाखून व्यक्ति की मक्कारी को प्रदर्शित करते हैं। ये नाखून इस बात के भी सूचक हैं कि यह व्यक्ति कदम-कदम पर झूठ बोलनेवाला तथा समय पड़ने पर अपने परिवार को भी धोखा देने वाला होगा। ऐसे व्यक्ति कभी भी विश्वासपात्र नहीं हो सकते। ३. छोटे और चौरस नाखून : जिस व्यक्ति के हाथों में इस प्रकार के नाखून होते हैं, वह व्यक्ति हृदय रोग का रोगी होता है तथा उसकी मृत्यु हार्ट अटैक से ही होती है। ४. छोटे और चौड़े नाखून : ऐसा व्यक्ति लड़ाई-झगड़ों में विश्वास रखता है और दूसरों की आलोचना करना या दूसरों के कार्यों में हस्तक्षेप करना इनका प्रिय स्वभाव होता है। ऐसे व्यक्ति अड़ियल किस्म के होते हैं। ५. कठोर और संकरे नाखून : सामान्यतः ऐसे व्यक्ति झगड़ालू प्रकृति के होते हैं। जिस बात को ये एक बार मन में ठान लेते हैं उसे पूरा करके ही छोड़ते हैं, चाहे वह बात गलत हो या सही कार्य हो। ये इस बात की परवाह नहीं करते, अपितु अपनी बात पर अड़े रहते हैं। ऐसे व्यक्तियों पर विश्वास करना ठीक नहीं होता।

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