भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( ३४४ ) श्री कृष्ण की आराधना थोड़े बहुत रूप में रखनी चाहिए । इसके अलावा श्री राम, लक्ष्मी तथा अन्य देवी देवताओं की पूजा भी आपके जीवन को अनुकूल बनाने में सहा- यक हो सकती है । महिला ने अपना सिर ऊंचा उठाया और कहा पंडितजी अब तक आपने जो भी तथ्य स्पष्ट किये हैं वे अपने आप में पूर्णतः सत्य हैं पर कुछ प्रश्न मैं इसके अतिरिक्त भी जानना चाहती हूँ । पंडितजी ने कहा—आप बिना संकोच के पूछिए, मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है । युवती मुस्कराई और कहा, आप हाथ के माध्यम से जन्म का महीना तथा जन्म समय संशोधन कर लेते हैं । मैं इस मामले में अभी तक सन्देह में हूं । मेरी मां ने जो समय मुझे बताया है वह भी उन्हें पूरी तरह से याद नहीं है । कभी वह कुछ और समय बताती हैं कभी कुछ अन्य समय को ही बता देती हैं । इस प्रकार एक समय और दूसरे समय में लगभग दो से तीन घण्टों का अन्तर है । पंडितजी ने कहा जन्म समय को संशोधन करना कोई बहुत अधिक कठिन कार्य नहीं है । आप एक मिनट रुकिये मैं अभी आपकी इस समस्या का भी समाधान कर देता हूं । पंडितजी ने आतशी शीशे का सहारा लेते हुए हाथ की रेखाओ का अध्ययन करने के बाद बोले आपका जन्म अप्रैल महीने में होना चाहिए क्योंकि आपकी मध्यमा उंगली के दूसरे पौर पर केवल एक ही रेखा पूरी है । इसके अलावा बाकी जितनी भी रेखाएं हैं वे सभी टूटी हुई तथा अस्पष्ट हैं । यदि हम तारीख का अध्ययन करें तो रेखाओं की गणना से ज्ञात होता है कि आपका जन्म ८ अप्रैल को ही होना चाहिए । दो क्षण रुककर पंडित जी ने कहा निश्चय ही आपका जन्म ८ अप्रैल १६३३ है । जहां तक हाथ की रेखाओं के अध्ययन का प्रश्न है आपकी जन्म तारीख में पूर्णतः सत्यता है । आपको अपनी तारीख तो याद है न ? हां पंडितजी मेरी जन्म तारीख आपने हाथ के माध्यम से पूर्णतः सत्य बताई है वास्तव में मेरी जन्म तारीख ८ अप्रैल १६३३ ही है । पंडितजी ने हाथ पर उसी प्रकार से दृष्टि जमाते हुए आगे उत्तर दिया कि जहां तक आपके अंगूठे के सबसे ऊपरी पौर का प्रश्न है उससे ऐसा ज्ञात होता है कि आपकी लग्न कर्क होना चाहिए और यह कर्क लग्न ही लगभग दो अंश से कुछ ही ज्यादा होना चाहिए । इस हिसाब से आपका जन्म समय शाम के ८ बजकर ३१ मिनट २४ सेकेण्ड के आसपास ही होना चाहिए और इस समय की गणना करने पर कर्क लग्न दो अंश से ही स्पष्ट होता है ।