बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( ५४ ) इनके जीवन में उतार-चढ़ाव बराबर बना रहता है । कभी ये प्रसन्नता की चरम सीमा पर होते हैं तो कभी इनके जीवन में जरूरत से ज्यादा निराशा छा जाती है । इनका वैवाहिक-जीवन अधिकतर असफल ही रहता है । उंगलियों के अग्र भाग बहुत अधिक तीखे होना अनुकूल नहीं कहा जाता । ऐसे व्यक्तियों में आत्म-विश्वास कम होगा । ये अपनी भावनाओं के अनुसार ही चलते हैं । ऐसे व्यक्ति आलसी, कामुक और अक्षम कहे जाते हैं । ऐसे व्यक्ति अपने पेट में रहस्य नहीं रख सकते । ४. वर्गाकार उंगलियां :—जिन व्यक्तियों के हाथों में वर्गाकार उंगलियां होती हैं, वे व्यक्ति जीवन में दूरदर्शी तथा नियमितता के साथ कार्य करने वाले होते हैं । अधिकतर ऐसे व्यक्ति व्यापारी वर्ग में आते हैं जो प्रत्येक कार्य की योजना बहुत अधिक सोच-विचार कर करते हैं । ऐसे व्यक्ति फूंक-फूंक कर कदम रखने वाले होते हैं तथा इनके कार्यों में एक नियमतता होती है । ये स्वयं भी पूरा परिश्रम करते हैं और दूसरों से भी काम लेने की युक्ति इनको आती है । स्वच्छता, समय की पाबन्दी, अपने वचनों की रक्षा, आत्म विश्वास आदि गुण इनमें विशेष रूप से पाये जाते हैं । ऐसे व्यक्ति अच्छे गणितज्ञ, इतिहासज्ञ, तथा कवि होते हैं । ऐसे ही व्यक्ति जीवन में विशेष सफलता प्राप्त कर सकते हैं । उंगली दर्शन : यदि उंगलियां भीतर की ओर झुकी हुई हों तो व्यक्ति दुनियादारी में बहुत अधिक चतुर होते हैं तथा ऐसे व्यक्ति प्रत्येक कार्य की देखभाल कर सकते हैं । यदि उंगलियों का झुकाव बाहर की ओर हो तो ऐसे व्यक्तियों का हृदय उदार होता है । अपने विचारों के वे धनी होते हैं तथा जीवन में यदि किसी को आश्वासन देते हैं तो अपने कथन को अन्तिम क्षण तक निभाने की कोशिश करते हैं । यदि उंगलियां जरूरत से ज्यादा बाहर झुकी हुई हों तो व्यक्ति लापरवाह होता है । यदि उंगलियां टेढ़ी-मेढ़ी एवं बेडौल हों तो व्यक्ति अपराधी वर्ग के होते हैं तथा अपराध पूर्ण कार्यों में ही उनकी रुचि रहती है । जिनकी उंगलियां मोटी और फूली हुई होती हैं, वे निर्धनता की सूचक होती हैं । ऐसे व्यक्ति जितना ही उपार्जित करते हैं, उससे ज्यादा खर्च कर डालते हैं । यदि उंगलियां चपटी हों तो व्यक्ति सेवाकार्य में सफल होते हैं । जीवन में ऊंचे स्तर पर तथा अधिकारी पद पर पहुंचकर प्रशंसा अर्जित करते हैं ।