बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( ८३ ) आपस में : युद्ध भावना तथा हिंसापूर्ण विचार । कटती हुई रेखाएं बिन्दु : युद्ध में शारीरिक क्षति । क्रॉस : युद्ध में मृत्यु । नक्षत्र : मिलिट्री में विशेष उच्च पद प्राप्ति । वर्ग : जरूरत से ज्यादा क्रोध की भावना । वृत्त : चतुर, नीति निपुण । त्रिकोण : योजनाबद्ध कार्य करने वाला । जाली : आत्म हत्या । मंगल का चिह्न : युद्ध भावना में विकास । गुरु का चिह्न : स्त्रियों को मोहित करने वाला । शनि का चिह्न : कुटिल स्वभाव । सूर्य का चिह्न : प्रदर्शन प्रियता । बुध का चिह्न : आकस्मिक धन प्राप्ति । शुक्र का चिह्न : प्रेम के क्षेत्र में उग्रता । चन्द्र का चिह्न : पागलपन । ७. चन्द्र पर्वत : एक रेखा : कल्पना की भावना का विकास । कई रेखाएं : सौन्दर्य प्रियता । आपस में : चिन्ताएं । कटती हुई रेखाएं बिन्दु : प्रेम में बार-बार असफलताएं । क्रॉस : सामाजिक सम्मान में न्यूनता । नक्षत्र : राजकीय सम्मान । वर्ग : विशेष धन प्राप्ति । वृत्त : जल में डूबने से मृत्यु । त्रिकोण : राष्ट्र व्यापी सम्मान प्राप्त करने वाला कवि ।