याज्ञवल्क्य स्मृति (मिताक्षरा टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Yajnavalkya Smriti with Mitakshara Tika & Hindi Commentary
महर्षि याज्ञवल्क्य द्वारा
स्रोत: चौखम्बा संस्कृत संस्थान · चौखम्बा संस्कृत संस्थान (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें( ४४ ) सौदा देते समय क्रेता के दोष से वस्तु वस्त्र चुराने वाले और में हानि ३६१ गिरहकट का दण्ड ३७२ राजकृत या दैवकृत उत्पात से उचक्के के दुवारा अपराध का दण्ड ,, हानि ३६२ दण्डनिर्धारण का आधार ,, दोषयुक्त वस्तु के विक्रय का दण्ड ,, क्षुद्र द्रव्य के विषय में दण्ड का सौदे की फेराफेरी करने पर दण्ड ३६३ नियम ३७३ ( २२ ) संभूयसमुत्थानप्रकरण धान्य चुराने पर दण्ड ,, सामूहिक व्यापार में लाभ-हानि का सोना चुराने का दण्ड ,, विचार ३६३ विशेष द्रव्य का दण्ड ३७४ हानि करने वाले हिस्सेदार को चोर की सहायता करने वाले के दण्ड ३६४ लिए दण्ड ,, सुरक्षित रखने वाले को दशांश की दुष्टा स्त्री को डुबाने का आदेश ३७५ प्राप्ति ,, हत्यारिणी स्त्री के अङ्ग विक्रयकर और निषिद्धवस्तु विक्रय ,, भङ्ग का दण्ड ,, विक्रयकर में बेईमानी करने का हत्यारे का पता लगाने की विधि ,, दण्ड ३६५ दूसरे की फसल, घर, वाटिका, नौका की फेरी ,, गाँव आदि जलाने वाले के योग्य ब्राह्मणों को श्राद्ध में न बुलाने लिए दण्ड ३७६ पर दण्ड ,, राजपत्नी के साथ व्यभिचार विदेशगत या मृत हिस्सेदार का का दण्ड ,, धन ३६६ ( २४ ) स्त्रीसंग्रहप्रकरण बेईमान हिस्सेदार के प्रति व्यवहार ३६७ स्त्रीसंग्रहण के तीन प्रकार ३७६ ( २३ ) स्तेयप्रकरण पराई स्त्री के साथ व्यभिचार के स्तेय का लक्षण ३६७ चिह्न ३७७ चोर पकड़ने के उपाय ३६८ छेड़खानी करने का अपराध ,, सन्देह में दूसरों को भी पकड़ने निषिद्ध भाषण की दशा में का नियम ,, बोलने पर दण्ड ३७८ सन्देह में पकड़े गये लोगों में चारणस्त्री से व्यभिचार में चोर की पहचान ,, दण्ड का अभाव ,, निर्दोषता न प्रमाणित करने माता आदि से संभोग का दण्ड ,, वाले को दण्ड ३६९ सजातीय परस्त्री से व्यभिचार चोर को शारीरिक दण्ड ,, का दण्ड ,, ब्राह्मण चोर के लिए दण्ड ३७० हीन वर्ण की परस्त्री से व्यभि- गाँव में चोरी का दोषी ,, चार का दण्ड ३७९ चोरी का दण्ड कौन दे ? ३७१ नीच वर्ण के पुरुष से व्यभिचार विशेष अपराध के लिए का स्त्री को दण्ड ,, विशेष दण्ड ,, वाग्दत्ता सवर्णा कन्या का अपहरण ,,