याज्ञवल्क्य स्मृति (मिताक्षरा टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Yajnavalkya Smriti with Mitakshara Tika & Hindi Commentary
महर्षि याज्ञवल्क्य द्वारा
स्रोत: चौखम्बा संस्कृत संस्थान · चौखम्बा संस्कृत संस्थान (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें( ४६ ) पतितों के विषय में रोने का निषेध ३९७ | मृत्युविशेष की स्थिति में अशौच आत्महत्या करने वाले का अशौच ३९८ | का अपवाद ४१५ नारायण बलि ,, | युद्ध में, विदेश में, मरने पर अशौच ,, नागबलि ३९९ | विमाता की मृत्यु पर अशौच ,, शोक को दूर करने के लिए इतिहास ४०० | वर्णानुसार अशौच के दिन ४१६ मनुष्य की निःसारता ,, | आयु के अनुसार अशौच ४१७ रोने का निषेध ४०१ | आयु के अनुसार स्त्रियों का प्रेतदाह के बाद वापस आना ,, | अशौच ४१८ घर में प्रवेश की विधि ,, | गुरु, मामा की मृत्यु पर अशौच ४२० तत्काल शुद्धि का उपाय ४०२ | पिता की मृत्यु पर विवाहित ब्रह्मचारी के व्रत की अखण्डता ४०३ | कन्या का अशौच ,, अशौचियों के नियम ,, | श्वशुर आदि की मृत्यु पर अशौच ४२१ प्रेतपिण्डदान ४०४ | अनौरस पुत्र की मृत्यु का अशौच ,, पिण्डदान देने वाला ४०५ | पराश्रित पत्नी की मृत्यु का पिण्ड की संख्या और काल ,, | अशौच ,, शिक्या आदि में जलदान ४०६ | शव के साथ जाने पर अशौच ४२२ अस्थिसंचयन का समय ,, | राजा आदि की मृत्यु पर अशौच वपन ,, | का अभाव ,, अग्निहोत्र के विषय में विचार ,, | दास आदि की मृत्यु पर अशौच ४२३ सूतक में सन्ध्योपासना ४०७ | ऋत्विज् आदि की मृत्यु पर अशौच का समय ,, | अपवाद ,, सपिण्ड आदि का अशौच ,, | ब्रह्मचारी और संन्यासी के बालकों आदि का अशौच ४०८ | विषय में ४२४ जन्मसंबंधी अशौच ,, | अशौच के अन्त में स्नान ,, प्रसूतिका का अशौच ४०९ | रजस्वला कुत्ता, चाण्डाल, पक्षियों के पुत्रजनन के समय दान का अधिकार ,, | स्पर्श पर अशुद्धि ४२६ षष्ठीपूजन ,, | शुद्धि के हेतु और साधन ४२९ अशौच के बीच दूसरे अशौच का | ( ७५ ) आपद्धर्मप्रकरण संपात ,, | आपत्ति के समय दूसरी वृत्ति मातापिता की मृत्यु के अशौच का | धारण करने का नियम ४३१ संपात ४१० | वैश्यवृत्ति वाले ब्राह्मण द्वारा गर्भस्राव में अशौच का निर्णय ,, | अविक्रेय वस्तुएँ ४३२ रजस्वला की शुद्धि के विषय में | निषिद्ध वस्तुओं में अपवाद ४३३ विचार ४१२ | निषिद्ध कर्म करने का दोष ४३४ रजस्वला और सूतिका की मृत्यु का | आपत्ति काल में दान लेने पर अशौच ४१३ | दोषाभाव ,, आहिताग्नि की मृत्यु पर विशेष | आपत्ति काल में जीविका के साधन ,, नियम ४१४ |