यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Yajurveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 197, कुल 421 में से
संदर्भ में पढ़ेंपूर्वार्ध सोलहवां अध्याय अवतत्य धनुष्ट्व ँ सहस्राक्ष शतेषुधे. निशीर्य शल्यानां मुखा शिवो नः सुमना भव.. (१३) हे रुद्र देव! आप हजारों आंखों वाले व सैकड़ों तरकस वाले हैं. आप बाणों के मुंह निकाल दीजिए. बाणों के मुंह हमारे लिए कल्याणकारी हों. हम अच्छे मन वाले हों. ( १३ ) नमस्त ऽ आयुधायानातताय धृष्णवे. उभाभ्यामुत ते नमो बाहुभ्यां तव धन्वने.. (१४) आततायियों के लिए आयुध धारण करने वाले रुद्र देव के लिए नमन. आप की दोनों बाहुओं व आप के धनुष और तरकस दोनों के लिए नमन. ( १४ ) मा नो महान्तमुत मा नो अर्भकं मा न ऽ उक्षन्तमुत मा न ऽ उक्षितम्. मा नो वधीः पितरं मोत मातरं मा नः प्रियास्तन्वो रुद्र रीरिषः.. (१५) हे रुद्र देव! जो हमारे प्रिय हैं व जो हमारे इष्ट हैं, आप उन की रक्षा करने की कृपा कीजिए. आप हमारे महान् लोगों का वध मत कीजिए. आप हमारे छोटे बच्चों का वध मत कीजिए. आप हमारे मातापिता आदि का वध मत कीजिए. ( १५ ) मा नस्तोके तनये मा न ऽ आयुषि मा नो गोषु मा नो अश्वेषु रीरिषः. मा नो वीरान् रुद्र भामिनो वधीर्हविष्मन्तः सदमित् त्वा हवामहे.. (१६) हे रुद्र देव! आप हमारे पुत्रों को नष्ट न करें. आप हमारे पौत्रों को नष्ट न करें. आप हमारी आयु को नष्ट न करें. आप हमारी गायों को नष्ट न करें. आप हमारे घोड़ों को नष्ट न करें. आप हमारे वीरों को नष्ट न करें. आप हमारी स्त्रियों को नष्ट न करें. हम सब हविमान हो कर आप का आह्वान कर रहे हैं. ( १६ ) नमो हिरण्यबाहवे सेनान्ये दिशां च पतये नमो नमो वृक्षेभ्यो हरिकेशेभ्यः पशूनां पतये नमो नमः शष्पिञ्जराय त्विषीमते पथीनां पतये नमो नमो हरिकेशायोपवीतिने पुष्टानां पतये नमः.. (१७) सोने से सज्जित बाहु वाले को नमन. दिशापति को नमन. सेनानी को नमन. वृक्षों को नमन. हरे बालों वाले को नमन. पशुपति को नमन. कोंपल जैसे रंग वाले को नमन. पथपति को नमन. हरे केश वाले को नमन. यज्ञोपवीतधारी को नमन. पुष्टता के स्वामी को नमन. ( १७ ) नमो बभ्लुशाय व्याधिने ऽ न्नानां पतये नमो नमो भवस्य हेत्यै जगतां पतये नमो नमो रुद्रायातातयिने क्षेत्राणां पतये नमो नमः सूतायाहन्त्यै वनानां पतये नमः.. (१८) भूरे रंग वाले को नमन. रोगपति को नमन. अन्नपति को नमन. जगहित हेतु आयुधधारी को नमन. संसारपति को नमन. आततायियों से बचाने वाले को नमन. यजुर्वेद - १९७