भारतकोश
यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Yajurveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished421 पृष्ठ

पृष्ठ 198, कुल 421 में से

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पृष्ठ 198

पूर्वार्ध सोलहवां अध्याय क्षेत्रपति को नमन. अवह्य सारथी को नमन. वनों के स्वामी को नमन. रुद्र देव को नमन. रुद्र देव को नमन. रुद्र देव को नमन. ( १८ ) नमो रोहिताय स्थपतये वृक्षाणां पतये नमो नमो भुवन्तये वारिवस्कृतायौषधीनां पतये नमो नमो मन्त्रिणे वाणिजाय कक्षाणां पतये नमो नम ऽ उच्चैर्घोषायाक्रन्दयते पत्तीनां पतये नमः... (१९) लाल रंग वाले स्थापक देव को नमन. वृक्षपति को नमन. भुवनपति को नमन. धनपति को नमन. ओषधिपति को नमन. मंत्रणादाता को नमन. व्यापारपति को नमन. कक्षापति को नमन. उच्चघोष करने वाले को नमन. भयंकर क्रंदन करने वाले को नमन. ( १९ ) नमः कृत्स्नायतया धावते सत्वनां पतये नमो नमः सहमानाय निव्याधिन ऽ - आव्याधिनीनां पतये नमो नमो निषङ्गिणे ककुभाय स्तेनानां पतये नमो नमो निचेरवे परिचरायारण्यानां पतये नमः... (२०) सत्यपति को नमन. चोर नियंत्रक को नमन. रोग नियंत्रक को नमन. उपद्रव नियंत्रक को नमन. अपहरण नियंत्रक को नमन. वनपालक को नमन. रुद्र देव को नमन. ( २० ) नमो वञ्चते परिवञ्चते स्तायूनां पतये नमो नमो निषङ्गिण ऽ इषुधिमते तस्कराणां पतये नमो नमः सृकायिभ्यो जिघासद्भ्यो मुष्णतां पतये नमो नमोसिमद्भ्यो नक्तञ्चरद्भ्यो विकृन्तानां पतये नमः... (२१) ठगने और लूटने वालों के नियंत्रक को नमन. गुप्तचरों के नियंत्रक को नमन. उपद्रव नियंत्रक को नमन. चोरपति को नमन. शस्त्रयुक्त शत्रुनाशक को नमन. मूठ पति को नमन. रात्रिपति को नमन. परधन हारक को नमन. ( २१ ) नम ऽ उष्णीषिणे गिरिचराय कुलुञ्चानां पतये नमो नम ऽ इषुमद्भ्यो धन्वायिभ्यश्च वो नमो नम ऽ आतन्वानेभ्यः प्रतिदधानेभ्यश्च वो नमो नम ऽ आयच्छद्भ्यो ऽ स्यद्भ्यश्च वो नमः... (२२) पगड़ीधारी को नमन. पर्वत पर विचरने वाले को नमन. धन हरने वालों के नियंत्रक को नमन. दुष्टों को डराने वाले रुद्र देव को नमन. धनुष बाणधारी को नमन. बाण प्रहरी रुद्र को नमन. धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने वाले रुद्र को नमन. ( २२ ) नमो विसृजद्भ्यो विध्यद्भ्यश्च वो नमो नमः स्वपद्भ्यो जाग्रद्भ्यश्च वो नमो नमः शयानेभ्य ऽ आसीनेभ्यश्च वो नमो नमस्तिष्ठद्भ्यो धावद्भ्यश्च वो नमः... (२३) बाण छोड़ने वाले को नमन. शत्रुवध करने वाले को नमन. सोने वाले को नमन. १९८ - यजुर्वेद