यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Yajurveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished421 पृष्ठ
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उत्तरार्ध चौंतीसवां अध्याय हे देवगण! आप संसार के नियंत्रक हैं. आप भलीभांति हमारी आकांक्षा को जानते हैं. आप भलीभांति हमारी प्रार्थना को जानते हैं. आप हमें और हमारी संतानों को पोसते हैं. आप हमें सभी प्रकार के कल्याण उपलब्ध कराइए. आप की कृपा से हमारी संतान वीर व महिमावान हो. आप सब कार्यों के कर्ता, पालक व अन्नपति हैं. ( ५८ ) ३९४ - यजुर्वेद