भारतकोश
बृहदारण्यकोपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

बृहदारण्यकोपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

Brihadaranyaka Upanishad with Shankara Bhashya

आदि शङ्कराचार्य द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,402 पृष्ठ

पृष्ठ 924, कुल 1402 में से

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पृष्ठ 924
९१०बृहदारण्यकोपनिषद्[ अध्याय ४
संस्कृत मूल / भाष्यहिन्दी अनुवाद
घटांशश्चक्षूरंशो वा; घटवच्चक्षुर्ग्राह्यत्वेऽपि प्रदीपस्य, चक्षुःप्रदीपव्यतिरेकेण न बाह्यालोकस्थानीयं किञ्चित् करणान्तरमपेक्षते। तस्मान्नैव नियन्तुं शक्यते—यत्र यत्र व्यतिरिक्तग्राह्यत्वं तत्र तत्र करणान्तरं स्यादेवेति। तस्माद् विज्ञानस्य व्यतिरिक्तग्राहकग्राह्यत्वे न करणद्वारानवस्था, नापि ग्राहकत्वद्वारा कदाचिदप्युपपादयितुं शक्यते; तस्मात् सिद्धं विज्ञानव्यतिरिक्तमात्मज्योतिरन्तरमिति।आलोक न घटका अंश है और न नेत्रका ही; किंतु दीपक घटके समान नेत्रसे ग्राह्य होनेपर भी नेत्र और दीपकसे व्यतिरिक्त बाह्य प्रकाशस्थानीय किसी अन्य करणकी अपेक्षा नहीं करता। इसलिये ऐसा नियम नहीं किया जा सकता कि जहाँ-जहाँ अपनेसे भिन्न वस्तुद्वारा ग्राह्यता होती है, वहाँ-वहाँ कोई अन्य करण होना ही चाहिये। अतः विज्ञानकी व्यतिरिक्तग्राहकग्राह्यता होनेपर भी न तो करणके कारण और न ग्राहकत्वके द्वारा ही कभी अनवस्था सिद्ध की जा सकती है; अतः विज्ञानसे पृथक् आत्मज्योति दूसरी ही है—यह सिद्ध हुआ।
(विज्ञानातिरिक्तग्राह्यग्राहकस्यासत्त्वोपपादनं तन्निरासश्च)<br><br>ननु नास्त्येव बाह्योऽर्थो घटादिः प्रदीपो वा विज्ञानव्यतिरिक्तः, यद्धि यद्व्यतिरेकेण नोपलभ्यते, तत्तन्मात्रं वस्तु दृष्टम्—यथा स्वप्नविज्ञानग्राह्यं घटपटादिवस्तु स्वप्नविज्ञानव्यतिरेकेणानुपलम्भात् स्वप्नघटप्रदीपादेः स्वप्नविज्ञानमात्रतावगम्यते, तथा जागरितेऽपि घटप्रदीपादेर्जाग्रद्विज्ञानव्यतिरेकेणानुपलम्भाज्जाग्रद्विज्ञानमात्रतैवविज्ञानवादी— किंतु घटादि अथवा दीपक आदि कोई बाह्य पदार्थ विज्ञानसे व्यतिरिक्त तो है ही नहीं, जो वस्तु जिसके बिना उपलब्ध नहीं होती, वह तत्स्वरूप ही देखी गयी है—जिस प्रकार स्वप्नविज्ञानसे गृहीत होनेवाली घट-पटादि वस्तु स्वप्नविज्ञानसे अलग उपलब्ध न होनेके कारण स्वप्नदृष्ट घट-प्रदीपादिकी स्वप्नविज्ञानमात्रता ज्ञात होती है; इसी प्रकार जागरित-अवस्थामें भी घट एवं प्रदीपादिकी जाग्रद्विज्ञानके सिवा उपलब्धि न होनेके कारण जाग्रद्विज्ञान-