भारतकोश
कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

कबीर साहेब द्वारा

स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

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है कि, जो कोई इस कहावतको न मानेगा वह काफिर बनकर खुदाके गजबमें पड़ेगा ।

अंगूरका रस और भांग—कहा गया है कि, पहले अंगूरका रस, शुद्ध था पीछे जब शैतानने उसके जड़पर पिशाब कर दिया तबसे उसमें नशा हो गया । भांगकी जड़ भी शैतानके पिशाबसे सौँची गई है, इसी कारण उसमें शैतानीका, स्वभाव आ गया है, भले आदमियोंको भूल करके भी इसको न छूना चाहिये, छूनेवाला मनुष्य लोक परलोक दोनोंका अपराधी माना जाता है ।

अफीउन और पोस्त—भी वैसाहि निषेध और हराम है ।

तम्बाकू पीना—भी वैसाही पाप और अशुद्ध है ।

शरीअतसे तमाकू पीनेका दण्ड—मुसल्मानों शरीअतमें लिखा है कि, जब मौतेके बाद अजाबकब्र (पापका दण्ड) होगा उस समय हुक्का और तमाखू पीनेवालोंको यह दण्ड मिलेगा कि, उनका शिर नीचे और पैर ऊपरको होंगे । उनके गुदास्थानपर चिलम बनाये जायेंगे, उपस्थ इन्द्रिय नलकी होगी । वह भी उनके मुहमें ही लगी होगी, गुदाके ऊपर आग धर देंगे । कहेंगे कि, अब हुक्का पियो ऊपरसे खूब मुदरोंसे मारेंगे, कहेंगे तम्बाकू हुक्का पीनेका फल लो । वे नारकी चिल्ला २ कर रोवेंगे, पर कोई उनकी नहीं सुनेगा, बरन् जितनेही अधिक रोवेंगे उतनीही अधिक मार पड़ेगी

तमाकू पीनेका दोष—स्कन्ध पुराण ६७ अध्यायमें ब्रह्माजी नारदजीसे कहते हैं कि, हे नारद ! कलियुगके मनुष्य नरकको जायेंगे क्योंकि, वे तम्बाकू पीयेंगे, तम्बाकू पीनेवालोंकी सब तपस्या, भजन, दान, पुण्य आदिक नष्ट हो जाते हैं । जैसे गोमांस भक्षण करना, अपनी माता, गुरुपत्नी और बहनके साथ भोग करना महापाप है वैसेही तम्बाकू पीना भी पाप है, तम्बाकू पीनेवाले के तीर्थ व्रत आदि सब सुकर्म नष्ट हो जाते हैं, उसको चाण्डाल समझो । जैसे, मछ और मांसके भक्षण करनेवाले नरकमें पड़ेंगे वैसेही तम्बाकू पीनेवाले भी नरक जायेंगे । तम्बाकू पीनेवालेका ज्ञान वैराग्य आदि सब नष्ट होजाता है । स्नेच्छ धर्मका विशेष प्रचार होनेके कारण कलियुगमें तम्बाकूकी विशेषता हुई है । जो कोई तम्बाकू पीनेवाले साधु ब्राह्मणको दान देता है वह नरकको जाता है । तम्बाकू पीनेवाला साधु ब्राह्मण गांवका शूकर होता है, जैसे हाथी स्नानकर अपने ऊपर धूल डाल लेता है उसी प्रकार तम्बाकू पीनेवाले लोग सब सुकर्मोंको नष्ट कर लेते हैं । जो साधु और ब्राह्मण होकर दूसरोंको उपदेश करता है पर आप स्वयं तम्बाकू खाता पीता है, वह दूसरोंको नरकमें डालनेका प्रयत्न करता है ।