भारतकोश
पूर्णप्रज्ञ भाष्य (श्रीमन् मध्वाचार्य - द्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य जगन्नाथदीपिका सटीक)

पूर्णप्रज्ञ भाष्य (श्रीमन् मध्वाचार्य - द्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य जगन्नाथदीपिका सटीक)

Purnaprajna Bhashya of Sriman Madhvacharya with Commentary

श्रीमन् मध्वाचार्य (टीकाकार: जगन्नाथ यति / गोपालकृष्णाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished1,267 पृष्ठ

पृष्ठ 370, कुल 1267 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 370

: It has च्छ with an e-matra: च्छे! Is there a ra-phala? Look at the foot of : it's just the loop of ! Wait, look at the top: it's just an e-matra! So it is च्छेदः! Wait, च्छेदः?! Wait, why च्छेदः कृत्स्न इति स्मृतेश्चास्य? Wait, is it च्छेदः कृत्स्न? Wait! Could it be: 'शूद्रः'? Wait, let's search: "कृत्स्न इति स्मृतेः" or "शूद्रः ... कृत्स्न"? Wait! What smriti is: "...छेदः कृत्स्न इति स्मृतेः"? Could it be: "शूद्रस्य वेदच्छेदः"? "कर्णयोः तप्तत्रपुजतुपरिपूर्णम्... जिह्वाच्छेदः... शरीरभेदः..."! Gautama Dharma Sutra 12.4-6: "अथ हास्य वेदमुपशृण्वतस्त्रपुजतुभ्यां श्रोत्रप्रतिपूरणम् । उदाहरणे जिह्वाच्छेदः । धारणे शरीरभेदः ॥" JIHVA-CHHEDAH! YES! GAUTAMA DHARMA SUTRA: "उदाहरणे जिह्वाच्छेदः धारणे शरीरभेदः"!