भारतकोश
रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)

रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)

Rasarnava: Tantric Chemistry and Alchemy with Commentary

शिव-पार्वती संवाद (सम्पादक: प्रफुल्लचन्द्र राय एवं हरीशचन्द्र कविराज) द्वारा

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१२ रसार्णवे देवाग्नि¹योगिनीचक्र-कुलपूजारतः सदा । शिष्यो विनीतस्तन्त्रज्ञः सत्यवादी दृढव्रतः ॥ ८ ॥² ये नराः³ कुम्भकुद्दाल-ध्वजशंखादिलाञ्छितैः⁴ । करै⁵रधिष्ठिता देवि योज्यास्ते निधिसाधने⁶ ॥ ९ ॥ बलवन्तो महासत्त्वाः⁷ कृष्णरक्त⁸विलोचनाः । वक्रघोणाः⁹ सदा¹⁰ क्रूराः प्रशस्ता बिल¹¹साधने ॥ १० ॥ निर्मांस¹²मूर्द्धपिण्डोकान्¹³ रक्तकेशान् गतालसान्¹⁴ । कठिनानुष्णपादांश्च¹⁵ धातुवादे¹⁶ नियोजयेत् ॥ ११ ॥ आदौ परीक्षयेद्देवि साधकान्¹⁷ सुसमाहितान् । ब्राह्मणान् क्षत्रियान् वैश्यान् शूद्रांश्चानुक्रमेण तु¹⁸ ॥ १२ ॥ जितेन्द्रियाः क्लेशसहा नित्योद्यमसमन्विताः ।


(1) K reads देवान्धौ, which is inc. (2) K reads सिद्धो instead of शिष्यो. The portion beginning from लोभमायाविनिर्मुक्तो and ending in सत्यवादी दृढव्रतः is not to be found in M. (3) K reads क्रूरा (without विसर्ग), which is absurd and inc. (4) B reads लाञ्छनैः. K reads लचणैः. (5) M reads नरैः, which is inappropriate. (6) निषिदर्शने, a variant in M. (7) K reads महासाधु, which is gram. inc. (8) B reads कृष्णारक्त. (9) K reads वक्रघोराः. (10) सवा, a variant in K, which is meaningless. (11) K reads किल, which is a mere expletive. (12) K reads निर्मीसा. (13) B reads मूर्द्धपिण्डोकं. M reads मूर्द्धफलिकान्. (14) K reads रक्तकेशाङ्गनासिकाः. (15) K reads कठिनात्युष्णपादाय. कठि- नानुष्ण...श्च, an incomplete variant in M. (16) K reads धातोर्वादे. (17) M reads साधवान्, which is gram. inc. (18) ब्राह्मणं क्षत्रियं वैश्यं शूद्र चानुक्रमेण तु, a variant in K. M has च instead of तु.

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