भारतकोश
रोगों की पहचान

रोगों की पहचान

Rogon Ki Pehchaan

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

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रोगों की पहचान

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  • ❑ पेट बाहर की ओर निकल आता है।
  • ❑ मुँह खुला-सा हो जाता है।

रोग होने की संभावना

  • ❑ फेफड़े खराब होने की संभावना रहती है।
  • ❑ दाँतों के खराब होने की संभावना रहती है।
  • ❑ आँख के रोग होने की संभावना रहती है।
  • ❑ सिर में गंज पड़ सकती है।
  • ❑ खसरा (एक प्रकार का दानेदार संक्रामक रोग) हो सकता है।
  • ❑ ज्वर हो सकता है।

सामने के भाग में यदि दूषित पदार्थ जमा हो जाए तो उसे निकालना मुश्किल नहीं होता है। इससे उत्पन्न रोग दाएँ-बाएँ के जमाव से भयंकर नहीं होते।

दाएँ या बाएँ भाग में दूषित पदार्थ के जमाव से रंग-रूप में आने वाले बदलाव

जब गंदे पदार्थ का जमाव दाएँ या बाएँ भाग में होता है तो शरीर में निम्नलिखित में से कुछ बदलाव आ सकते हैं-

  • ❑ सिर दाएँ या बाएँ, जहाँ भी दूषित पदार्थ इकट्ठा होगा, वहाँ की तरफ झुक जाता है।
  • ❑ जिस ओर जमाव होगा, उस तरफ की गर्दन फूली हुई और सख्त हो जाती है।
  • ❑ दाएँ या बाएँ में से, जहाँ दूषित पदार्थ का जमाव होगा, केवल वहाँ का हिस्सा बड़ा और चौड़ा हो जाने की वजह से पूरा शरीर बेडौल हो जाता है।
  • ❑ दूषित पदार्थ के जमाव वाली साइड से चेहरा ज्यादा लंबा हो जाता है।