रोगों की पहचान
Rogon Ki Pehchaan
सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)
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ओर झुका हो, गालों की हडिड़याँ बाहर निकली हुई हों, सीना लगभग खोखला लग रहा हो तो समझना चाहिए कि उसका मेदा खराब है और उसका शरीर क्षय को प्राप्त हो रहा है।
जिगर की खराबी के चिह्न
गंदे पदार्थ का जमाव कहीं भी हो, पर पाचन इन्द्रियों तो प्रभावित होगी ही। यह प्रमुख बात है। शुरुआत ही तो यहीं से होती है। जिनके शरीर में बाईं ओर जमाव होता है, उनकी पाचन इन्द्रियों के बाएँ हिस्से में गंदे पदार्थ का जमाव होगा, वहाँ जरूर कुछ गड़बड़ समझनी चाहिए। ऐसे ही पीछे के भाग में जमाव होने से आँतों के पिछले हिस्से प्रभावित होंगे। यदि दाहिनी ओर जमाव है तो जिगर प्रभावित होगा। जिगर के प्रभावित होने से रक्त से पित्त अलग नहीं हो पाता है और परिणाम-स्वरूप त्वचा पीली पड़ने लगती है। ऐसे लोगों के पैरों में पसीना भी खूब आता है। इसलिए पीला रंग और पैरों का पसीजना इस बात की ओर संकेत करता है कि जिगर में खराबी है।
कैंसर के चिह्न
कैंसर आप 5 साल पहले जान सकते हैं कि होने वाला है। जब भोजन में रुचि कम लगे, भोजन करने की इच्छा न करे तो समझना कि कैंसर ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। इस स्टेज पर यह आसानी से कण्ट्रोल हो सकता है।
गुर्दे की बीमारी के चिह्न
शरीर के पीछे के भाग और बाईं ओर में दूषित पदार्थ के जमाव से गुर्दे प्रभावित हो जाते हैं। ऐसे में आँखों के नीचे की त्वचा सिकुड़ जाती है और एक तरह की थैली-सी बन जाती है। इसलिए जब भी आँखों के नीचे की त्वचा सिकुड़कर थैली का रूप ले तो समझ जाना चाहिए कि