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रोगों की पहचान

रोगों की पहचान

Rogon Ki Pehchaan

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

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साहिब बन्दगी

पूर्ण टब स्नान निम्नलिखित रोगों में लाभदायक है—

गठिया, लकवा, कमर दर्द, दमा आदि।

भाप स्नान

❑ दो चूल्हों पर दो बर्तनों में पानी उबालें।

रोगी को एक गिलास गर्म पानी पिलाएँ और उसके कपड़े उतारकर बेंत की बुनी किसी कुर्सी पर बिठाएँ। रोगी के ऊपर कंबल इस तरह डाल दें कि वो कुर्सी सहित ढक जाए, केवल सिर नंगा रहे।

अब उबले हुए पानी का बर्तन लाकर उस कुर्सी के नीचे रख दें और बर्तन का ढक्कन थोड़ा खुला रखें। जब लगे कि भाप निकलना बंद हो रही है तो दूसरा उबलते हुए पानी का पतीला लाकर वहाँ रखें और उसे उठाकर पुनः उबलने को रखें। 10 से 15 मिनट तक भाप स्नान ले सकते हैं। बाद में ठंडे पानी से नहा लें।

नोट

❑ यह स्नान बेंत की बुनी चारपाई पर लिटाकर भी लिया जा सकता है। पर नीचे बर्तन कम-से-कम दो रखें—एक टाँगों के नीचे और दूसरा पीठ के नीचे।

❑ यदि बीच में अधिक घबराहट होने लगे तो उसी समय यह स्नान बंद कर दें।

❑ इस स्नान से आई गर्मी को दूर करने के लिए 5 मिनट का कटि-स्नान लें, जिसमें पेड़ स्थान को न मलें।

❑ हफ्ते-हफ्ते ही यह स्नान करें।

भाप स्नान से रोगों का निदान

हैजा, गठिया, पथरी, गुर्दे की खराबी, दमा, मोटापा, मूत्र-रोग आदि

सावधानी: कुछ रोगी, गर्भवती स्त्री, स्नायु दुर्बलता से पीड़ित

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