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रोगों की पहचान

रोगों की पहचान

Rogon Ki Pehchaan

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

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रोगों की पहचान

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व्यक्ति, क्षय रोगी, हृदय रोगी, तीव्र ज्वर से पीड़ित, रक्तचाप से पीड़ित लोग यह स्नान मत लें।

नेत्र स्नान

सुबह-शाम ठण्डे पानी से मुख भरकर ठण्डे पानी से ही आँखों में छीटे मारें।

नेत्र स्नान से मिलने वाला लाभ

आँखों की ज्योति बढ़ती है।

नासिका स्नान

❑ एक टॉंटीदार लोटा लें।

❑ लोटे में गुनगुना या शीतल जल डालें।

अब घुटनों के बल बैठ जाएँ और लोटे की टॉंटी नासिका के एक तरफ डालें। गर्दन को एक तरफ घुमा लें ताकि पानी आसानी से नाक में चला जाए। साथ ही पानी को दूसरी नासिका से बाहर निकालते जाएँ। यदि शुरू में ऐसा न हो सके तो मुँह से ही निकाल लें।

नोट

❑ यह स्नान आप रोज कर सकते हैं।

नासिका स्नान से मिलने वाला लाभ

नेत्र ज्योति बढ़ती है, याददाश्त में वृद्धि होती है, जुकाम ठीक होता है।

पैर का गर्म स्नान

❑ एक पतीले में गर्म पानी उबालें।

❑ एक बाल्टी में इतना गर्म पानी डालें, जिसमें आपके पैर पूरी तरह से डूब जाएँ। पानी इतना गर्म हो कि आपके पैर सह सकें।

अब एक कुर्सी पर बैठ बाल्टी सहित अपने को किसी कम्बल