भारतकोश
रोगों की पहचान

रोगों की पहचान

Rogon Ki Pehchaan

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

DevanagariHindipublished128 पृष्ठ

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धनिये से रोगों का निदान93
नारियल से रोगों का निदान94
लौकी से रोगों का निदान95
पपीते से रोगों का निदान95
सेब द्वारा रोगों का निदान96
जामुन द्वारा रोगों का निदान96
बथुआ से रोगों का निदान97
फालसे से रोगों का निदान98
मौसमी से रोगों का निदान98
दूध से रोगों का निदान99
अनन्नास से रोगों का निदान99
करेले से रोगों का निदान99
अजवायन से रोगों का निदान100
आम से रोगों का निदान101
नीम से रोगों का निदान102
लौंग से रोगों का निदान104
अमरूद से रोगों का निदान104
मुनक्के से रोगों का निदान105
हल्दी से रोगों का निदान105
पोदीने से रोगों का निदान106
गाजर से रोगों का निदान106
जीरे से रोगों का निदान108
अंगूर से रोगों का निदान108
चने से रोगों का निदान109
अनार से रोगों का निदान109
नारंगी से रोगों का निदान110
देसी घी से रोगों का निदान110
अखरोट से रोगों का निदान111
आलू से रोगों का निदान112
मूली से रोगों का निदान112
मैथी से रोगों का निदान113
गेहूँ से रोगों का निदान114
छाछ से रोगों का निदान114
तिल से रोगों का निदान115
काली मिर्च से रोगों का निदान115
राई से रोगों का निदान116
फिटकरी से रोगों का निदान116

16. जन्म-मरण का महारोग

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