श्रीमद्भगवद्गीता साधक-संजीवनी (परिशिष्टसहित)

श्रीमद्भगवद्गीता साधक-संजीवनी (परिशिष्टसहित)
Shrimad Bhagavad Gita Sadhak Sanjeevani
स्वामी रामसुखदास द्वारा
स्रोत: संवर्धित नब्बेवाँ संस्करण (90th Edition), गीता प्रेस गोरखपुर · गीताप्रेस, गोरखपुर · 2008 (उद्गम)
DevanagariHindipublished1,299 पृष्ठ
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( ३ )
| श्लोक-संख्या | विषय | पृष्ठ-संख्या |
|---|---|---|
| दुर्भाव और दुर्गतिका वर्णन ..... १०४९—१०५५ | ||
| (विशेष बात १०५४) | ||
| २१—२४ | आसुरी-सम्पत्तिके मूलभूत दोष— | |
| काम, क्रोध और लोभसे रहित | ||
| होकर शास्त्रविधिके अनुसार कर्म | ||
| करनेकी प्रेरणा ..... १०५५—१०६० | ||
| सोलहवें अध्यायके पद, अक्षर | ||
| और उवाच ..... १०६० | ||
| सोलहवें अध्यायमें प्रयुक्त छन्द ..... १०६० | ||
| सत्रहवाँ अध्याय | ||
| १—६ | तीन प्रकारकी श्रद्धाका और आसुर | |
| निश्चयवाले मनुष्योंका वर्णन ... १०६१—१०६९ | ||
| (मार्मिक बात १०६४; विशेष बात १०६९) | ||
| ७—१० | सात्विक, राजस और तामस | |
| आहारीकी रुचिका वर्णन ..... १०६९—१०७५ | ||
| (प्रकरण-सम्बन्धी विशेष बात १०७३; | ||
| भोजनके लिये आवश्यक विचार १०७४) | ||
| ११—२२ | यज्ञ, तप और दानके तीन-तीन | |
| भेदोंका वर्णन ..... १०७६—१०९२ | ||
| (सात्विकताका तात्पर्य १०७६; मनकी | ||
| प्रसन्नता प्राप्त करनेके उपाय १०८३; | ||
| दान-सम्बन्धी विशेष बात १०९१; कर्म- | ||
| फल-सम्बन्धी विशेष बात १०९१) | ||
| २३—२८ | 'अ' तत्सत्'के प्रयोगकी व्याख्या | |
| और असत्-कर्मका वर्णन..... १०९३—१०९९ | ||
| सत्रहवें अध्यायके पद, अक्षर और उवाच १०९९ | ||
| सत्रहवें अध्यायमें प्रयुक्त छन्द ..... १०९९ | ||
| अठारहवाँ अध्याय | ||
| १—१२ | संन्यास और त्यागके विषयमें | |
| मतान्तर और कर्मयोगका वर्णन ११०२—११३२ | ||
| (मार्मिक बात १११६; कर्म-सम्बन्धी | ||
| विशेष बात १११९) | ||
| १३—४० | सांख्ययोगका वर्णन ..... ११३२—११७१ | |
| (मार्मिक बात ११४३; विशेष बात |
| श्लोक-संख्या | विषय | पृष्ठ-संख्या |
|---|---|---|
| ११५२, ११६०, ११६७, ११६८) | ||
| ४१—४८ | कर्मयोगका भक्तिसहित वर्णन.. ११७१—११९३ | |
| (विशेष बात ११७२; गोरक्षा-सम्बन्धी | ||
| विशेष बात ११७६; स्वाभाविक | ||
| कर्मोंका तात्पर्य ११७८; जाति जन्मसे | ||
| मानी जाय या कर्मसे ११७८; विशेष | ||
| बात ११८४, ११८७, ११९०) | ||
| ४९—५५ | सांख्ययोगका वर्णन ..... ११९३—१२०२ | |
| (विशेष बात १२००) | ||
| ५६—६६ | भगवद्भक्तिका वर्णन ..... १२०२—१२४३ | |
| (प्रेम-सम्बन्धी विशेष बात | ||
| १२०६; विशेष बात १२१०, | ||
| १२१३, १२१६; शरणागति- | ||
| सम्बन्धी विशेष बात १२२८; | ||
| शरणागतिका रहस्य १२३६) | ||
| ६७—७८ | श्रीमद्भगवद्गीताकी महिमा ..... १२४३—१२६३ | |
| (मार्मिक बात १२५५) | ||
| अठारहवें अध्यायके पद, अक्षर और | ||
| उवाच ..... १२६३ | ||
| अठारहवें अध्यायमें प्रयुक्त छन्द ..... १२६३ | ||
| आरती ..... १२६४ | ||
| साधक-संजीवनी-कोश ..... १२६५—१२९६ | ||
| विषयानुक्रमणिका ..... १२६५—१२७९ | ||
| साधक-संजीवनीमें आयी | ||
| गीता-सम्बन्धी मुख्य बातें..... १२८० | ||
| साधक-संजीवनीमें आयी | ||
| व्याकरण-सम्बन्धी बातें ..... १२८१ | ||
| 'साधक-संजीवनी' में मूल गीताके पाठभेद . १२८१ | ||
| साधक-संजीवनीमें आयी कहानियाँ..... १२८२ | ||
| उद्भुत श्लोकानुक्रमणिका ..... १२८३—१२८८ | ||
| हिन्दी पद्यानुक्रमणिका..... १२८९—१२९१ | ||
| नामानुक्रमणिका ..... १२९२—१२९३ | ||
| पारिभाषिक शब्दावली | ||
| (साधक-संजीवनीके अनुसार) .. १२९३—१२९६ |
( रेखाचित्र )
| क्रम-संख्या | पृष्ठ-संख्या | क्रम-संख्या | पृष्ठ-संख्या |
|---|---|---|---|
| १ | २७२ | ४ | ६२२ |
| २ | ४१० | ५ | ८५८ |
| ३ | ५७८ | ६ | ११०० |