भारतकोश
श्रीमद्भगवद्गीता साधक-संजीवनी (परिशिष्टसहित)

श्रीमद्भगवद्गीता साधक-संजीवनी (परिशिष्टसहित)

Shrimad Bhagavad Gita Sadhak Sanjeevani

स्वामी रामसुखदास द्वारा

स्रोत: संवर्धित नब्बेवाँ संस्करण (90th Edition), गीता प्रेस गोरखपुर · गीताप्रेस, गोरखपुर · 2008 (उद्गम)

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( ३ )

श्लोक-संख्याविषयपृष्ठ-संख्या
दुर्भाव और दुर्गतिका वर्णन ..... १०४९—१०५५
(विशेष बात १०५४)
२१—२४आसुरी-सम्पत्तिके मूलभूत दोष—
काम, क्रोध और लोभसे रहित
होकर शास्त्रविधिके अनुसार कर्म
करनेकी प्रेरणा ..... १०५५—१०६०
सोलहवें अध्यायके पद, अक्षर
और उवाच ..... १०६०
सोलहवें अध्यायमें प्रयुक्त छन्द ..... १०६०
सत्रहवाँ अध्याय
१—६तीन प्रकारकी श्रद्धाका और आसुर
निश्चयवाले मनुष्योंका वर्णन ... १०६१—१०६९
(मार्मिक बात १०६४; विशेष बात १०६९)
७—१०सात्विक, राजस और तामस
आहारीकी रुचिका वर्णन ..... १०६९—१०७५
(प्रकरण-सम्बन्धी विशेष बात १०७३;
भोजनके लिये आवश्यक विचार १०७४)
११—२२यज्ञ, तप और दानके तीन-तीन
भेदोंका वर्णन ..... १०७६—१०९२
(सात्विकताका तात्पर्य १०७६; मनकी
प्रसन्नता प्राप्त करनेके उपाय १०८३;
दान-सम्बन्धी विशेष बात १०९१; कर्म-
फल-सम्बन्धी विशेष बात १०९१)
२३—२८'अ' तत्सत्'के प्रयोगकी व्याख्या
और असत्-कर्मका वर्णन..... १०९३—१०९९
सत्रहवें अध्यायके पद, अक्षर और उवाच १०९९
सत्रहवें अध्यायमें प्रयुक्त छन्द ..... १०९९
अठारहवाँ अध्याय
१—१२संन्यास और त्यागके विषयमें
मतान्तर और कर्मयोगका वर्णन ११०२—११३२
(मार्मिक बात १११६; कर्म-सम्बन्धी
विशेष बात १११९)
१३—४०सांख्ययोगका वर्णन ..... ११३२—११७१
(मार्मिक बात ११४३; विशेष बात
श्लोक-संख्याविषयपृष्ठ-संख्या
११५२, ११६०, ११६७, ११६८)
४१—४८कर्मयोगका भक्तिसहित वर्णन.. ११७१—११९३
(विशेष बात ११७२; गोरक्षा-सम्बन्धी
विशेष बात ११७६; स्वाभाविक
कर्मोंका तात्पर्य ११७८; जाति जन्मसे
मानी जाय या कर्मसे ११७८; विशेष
बात ११८४, ११८७, ११९०)
४९—५५सांख्ययोगका वर्णन ..... ११९३—१२०२
(विशेष बात १२००)
५६—६६भगवद्भक्तिका वर्णन ..... १२०२—१२४३
(प्रेम-सम्बन्धी विशेष बात
१२०६; विशेष बात १२१०,
१२१३, १२१६; शरणागति-
सम्बन्धी विशेष बात १२२८;
शरणागतिका रहस्य १२३६)
६७—७८श्रीमद्भगवद्गीताकी महिमा ..... १२४३—१२६३
(मार्मिक बात १२५५)
अठारहवें अध्यायके पद, अक्षर और
उवाच ..... १२६३
अठारहवें अध्यायमें प्रयुक्त छन्द ..... १२६३
आरती ..... १२६४
साधक-संजीवनी-कोश ..... १२६५—१२९६
विषयानुक्रमणिका ..... १२६५—१२७९
साधक-संजीवनीमें आयी
गीता-सम्बन्धी मुख्य बातें..... १२८०
साधक-संजीवनीमें आयी
व्याकरण-सम्बन्धी बातें ..... १२८१
'साधक-संजीवनी' में मूल गीताके पाठभेद . १२८१
साधक-संजीवनीमें आयी कहानियाँ..... १२८२
उद्भुत श्लोकानुक्रमणिका ..... १२८३—१२८८
हिन्दी पद्यानुक्रमणिका..... १२८९—१२९१
नामानुक्रमणिका ..... १२९२—१२९३
पारिभाषिक शब्दावली
(साधक-संजीवनीके अनुसार) .. १२९३—१२९६

( रेखाचित्र )

क्रम-संख्यापृष्ठ-संख्याक्रम-संख्यापृष्ठ-संख्या
२७२६२२
४१०८५८
५७८११००
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