भारतकोश
श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस

Shri Ramcharitmanas

गोस्वामी तुलसीदास द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariHindipublished1,058 पृष्ठ

पृष्ठ 7, कुल 1058 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 7

॥ श्रीहरिः ॥

श्रीरामचरितमानसकी

विषय-सूची

विषयपृष्ठ-संख्याविषयपृष्ठ-संख्या
१- नवाह्नपारायणके विश्राम-स्थान .....१२२२- पतिके अपमानसे दुःखी होकर सतीका
२- मासपारायणके विश्राम-स्थान .....१२योगाग्निसे जल जाना, दक्ष-यज्ञ-विध्वंस ८३
३- पारायण-विधि .....१३२३- पार्वतीका जन्म और तपस्या .....८४
बालकाण्ड२४- श्रीरामजीका शिवजीसे विवाहके
४- मंगलाचरण .....१७लिये अनुरोध .....९३
५- गुरु-वन्दना .....१९२५- सप्तर्षियोंकी परीक्षामें पार्वतीजीका
६- ब्राह्मण-संत-वन्दना .....२०महत्त्व .....९४
७- खल-वन्दना .....२३२६- कामदेवका देवकार्यके लिये जाना
८- संत-असंत-वन्दना .....२४और भस्म होना .....९८
९- रामरूपसे जीवमात्रकी वन्दना .....२७२७- रतिको वरदान .....१०२
१०- तुलसीदासजीकी दीनता और२८- देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये
रामभक्तिमयी कविताकी महिमा .....२८प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके
११- कवि-वन्दना .....३५पास जाना .....१०३
१२- वाल्मीकि, वेद, ब्रह्मा, देवता,२९- शिवजीकी विचित्र बारात और
शिव, पार्वती आदिकी वन्दना .....३६विवाहकी तैयारी .....१०७
१३- श्रीसीताराम-धाम-परिकर-वन्दना ....३८३०- शिवजीका विवाह .....११५
१४- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा....४१३१- शिव-पार्वती-संवाद .....१२१
१५- श्रीरामगुण और श्रीरामचरितकी३२- अवतारके हेतु .....१३२
महिमा .....४९३३- नारदका अभिमान और मायाका प्रभाव १३८
१६- मानसनिर्माणकी तिथि .....५५३४- विश्वमोहिनीका स्वयंवर, शिवगणोंको
१७- मानसका रूप और माहात्म्य .....५६तथा भगवान्को शाप और नारदका
१८- याज्ञवल्क्य-भरद्वाज-संवादमोह-भंग .....१४०
तथा प्रयाग-माहात्म्य .....६६३५- मनु-शतरूपा-तप एवं वरदान .....१५०
१९- सतीका भ्रम, श्रीरामजीका ऐश्वर्य३६- प्रतापभानुकी कथा .....१५९
और सतीका खेद .....७१३७- रावणादिका जन्म, तपस्या और उनका
२०- शिवजीद्वारा सतीका त्याग, शिवजीकीऐश्वर्य तथा अत्याचार .....१७७
समाधि .....७७३८- पृथ्वी और देवतादिकी करुण पुकार १८५
२१- सतीका दक्ष-यज्ञमें जाना .....८२३९- भगवान्का वरदान .....१८८