भारतकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

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! Look at the characters: "इ", "ष्ठ", "नो" -> "इष्ठनोऽभावे"! Yes, "केवलाद्गुणवचनत्वेनिष्ठनोऽभावे" or "केवलाद्गुणवचनत्वेनेष्ठनोऽभावे". It is "केवलाद्गुणवचनत्वेनेष्ठनोऽभावे". "ब्रह्मवच्छब्दादेवेष्ठनो विधाने मतुपो लुगुत्तरं “टेः” इत्यस्याप्राप्तौ" Wait, is that "ब्रह्मवच्छब्दादेवेष्ठनो"? Yes: ब्रह्मवत्-शब्दाद् एव इष्ठनो विधाने.

Line 21 (Footnote 1 cont. & Footnote 2): “नस्तद्धिते” इत्यस्यैव प्रवृत्तेरिष्टत्वादिति दिक् ॥ २ नेत्येके इति । इदमत्राकूतम् टिलोपेनासो लोपे Wait, "टिलोपेनासो लोपे"? "टिलोपेनाऽसो लोपे" or "टिलोपेनासो लोपे"? In print: "टिलोपेनासो लोपे" (अस्-लोपे! अस-भागस्य लोपे).

Line 22 (Footnote 2 cont. & Footnote 3 & Footnote 4): सम्प्रसारणाप्राप्तेऽङ्गवृत्तपरिभाषोपन्यासो वृथा तस्या असत्त्वाच्चेति ॥ ३