अद्भुत रामायण (पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र हिन्दी टीका सहित)
Adbhut Ramayana Hindi
महर्षि वाल्मीकि (टीकाकार: पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र) द्वारा
स्रोत: Maharshi Valmiki Krit Srimad Adbhut Ramayanam with Hindi Tika by Pt. Jwala Prasad Mishra (उद्गम)
श्लोकसंख्या १३५३.
वाल्मीकी नारद ऋषी, महावीर शिर नाय ॥
बूझी कुलगुरु शिव शिवा, गणपति गिरा मनाय ॥ १ ॥
रामचरित भाषा कियो, द्विज ज्वालापरसाद ॥
पढहिं सुनहिं सुख लहहिं जन, ऋषियनको संवाद ॥ २ ॥
राम लषण सीता भरत, रिपुहन पवनकुमार ॥
प्रेम सहित वन्दहुँ चरण, हितकृत वारंवार ॥ ३ ॥
कृपादृष्टिकी वृष्टि जिमि, करत हमारी ओर ॥
तैंसिय कीजै नित्य प्रति, दयादृगनकी कोर ॥ ४ ॥
संवत गुणशरअंकविधु, भाद्रशुक्ल रविवार ॥
सुखदायक तिथि सप्तमी, पूरचो ग्रन्थविचार ॥ ५ ॥
पुस्तक मिलनेका ठिकाना-
| खेमराज श्रीकृष्णदास, <br> 'श्रीवेङ्कटेश्वर' स्टीम्-प्रेस, <br> खेतवाड़ी-बम्बई. | गङ्गाविष्णु श्रीकृष्णदास, <br> 'लक्ष्मीवेङ्कटेश्वर' स्टीम्-प्रेस, <br> कल्याण-बम्बई. |
श्री १०८ अवधड़ पीर बाबा नारायण
का धर्म पूत बाबा भूतनाथ अवधड़
श्री गुरु स्थान- ग्राम मल्हापुर
डा० सिरसगंज
जि० मैनपुरी
जन्म तिथि पूर्णिमा अगहन १९६५
बुद्धवार
बुक-पोस्ट
शुभविवाह
तिलकोत्सव एवं प्रीतिभोज
दिनांक-11 मई 2013, शनिवार
(सायं 6 बजे से आपके आगमन तक)
सपरिवार
[श्री]राम पोरेवाल जी (कामरेड)
इटावा
R.P.B.
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