भारतकोश
अग्नि पुराण

अग्नि पुराण

Agni Purana

महर्षि वेदव्यास द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariHindipublished878 पृष्ठ

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अध्यायविषयपृष्ठ-संख्याअध्यायविषयपृष्ठ-संख्या
२३६-संग्राम-दीक्षा—युद्धके समय पालन करनेयोग्य नियमोंका वर्णन४४५विक्रय, दत्ताप्रदानिक, क्रीतानुशय, अभ्युपेत्या-शुश्रूषा, संविद्व्यतिक्रम, वेतनादान तथा द्यूत-समाह्वयका विचार५०६
२३७-लक्ष्मीस्तोत्र और उसका फल४४९२५८-व्यवहारके वाक्पारुष्य, दण्डपारुष्य, साहस, विक्रीयासम्प्रदान, सम्भूय-समुत्थान, स्तेय, स्त्री-संग्रहण तथा प्रकीर्णक—इन विवादास्पद विषयोंपर विचार५१२
२३८-श्रीरामके द्वारा उपदिष्ट राजनीति४५१२५९-ऋग्विधान—विविध कामनाओंकी सिद्धिके लिये प्रयुक्त होनेवाले ऋग्वेदीय मन्त्रोंका निर्देश..५२१
२३९-श्रीरामकी राजनीति४५३२६०-यजुर्विधान—यजुर्वेदके विभिन्न मन्त्रोंका विभिन्न कार्योंके लिये प्रयोग५२६
२४०-द्वादशराजमण्डल-चिन्तन४५८२६१-सामविधान—सामवेदोक्त मन्त्रोंका भिन्न-भिन्न कार्योंके लिये प्रयोग५३१
२४१-मन्त्रविकल्प४६३२६२-अथर्वविधान—अथर्ववेदोक्त मन्त्रोंका विभिन्न कर्मोंमें विनियोग५३२
२४२-सेनाके छः भेद, इनका बलाबल तथा छः अङ्ग४६८२६३-नाना प्रकारके उत्पात और उनकी शान्तिके उपाय५३४
२४३-पुरुष-लक्षण वर्णन४७५२६४-देवपूजा तथा वैश्वदेव-बलि आदिका वर्णन५३५
२४४-स्त्रीके लक्षण४७६२६५-दिक्पालस्नानकी विधिका वर्णन५३८
२४५-चामर, धनुष, बाण तथा खड्गके लक्षण४७७२६६-विनायक-स्नानविधि५३९
२४६-रत्न-परीक्षण४७८२६७-माहेश्वर-स्नान आदि विविध स्नानोंका वर्णन; भगवान् विष्णुके पूजनसे तथा गायत्रीमन्त्रद्वारा लक्ष-होमादिसे शान्तिकी प्राप्तिका कथन५४१
२४७-गृहके योग्य भूमि; चतुःषष्टिपद वास्तुमण्डल और वृक्षारोपणका वर्णन४७९२६८-सांवत्सर-कर्म; इन्द्र-शचीकी पूजा एवं प्रार्थना; राजाके द्वारा भद्रकाली तथा अन्यान्य देवताओंके पूजनकी विधि; वाहन आदिका पूजन तथा नीराजना५४२
२४८-विष्णु आदिके पूजनमें उपयोगी पुष्पोंका कथन४८०२६९-छत्र, अश्व, ध्वजा, गज, पताका, खड्ग, कवच और दुन्दुभिकी प्रार्थनाके मन्त्र५४४
२४९-धनुर्वेदका वर्णन—युद्ध और अस्त्रके भेद, आठ प्रकारके स्थान, धनुष, बाणको ग्रहण करने और छोड़नेकी विधि आदिका कथन४८१२७०-विष्णुपञ्जरस्तोत्रका कथन५४६
२५०-लक्ष्यवेधके लिये धनुष-बाण लेने और उनके समुचित प्रयोग करनेकी शिक्षा तथा वेध्यके विविध भेदोंका वर्णन४८४२७१-वेदोंके मन्त्र और शाखा आदिका वर्णन तथा वेदोंकी महिमा५४७
२५१-पाशके निर्माण और प्रयोगकी विधि तथा तलवार और लाठीको अपने पास रखने एवं शत्रुपर चलानेकी उपयुक्त पद्धतिका निर्देश४८६२७२-विभिन्न पुराणोंके दान तथा महाभारत-श्रवणमें दान-पूजन आदिका माहात्म्य५४८
२५२-तलवारके बत्तीस हाथ, पाश, चक्र, शूल, तोमर, गदा, परशु, मुद्गर, भिन्दिपाल, वज्र, कृपाण, क्षेपणी, गदायुद्ध तथा मल्लयुद्धके दाँव और पैंतरोंका वर्णन४८७२७३-सूर्यवंशका वर्णन५५०
२५३-व्यवहारशास्त्र तथा विविध व्यवहारोंका वर्णन४८८२७४-सोमवंशका वर्णन५५३
२५४-ऋणादान तथा उपनिधि-सम्बन्धी विचार४९४२७५-यदुवंशका वर्णन५५४
२५५-साक्षी, लेखा तथा दिव्यप्रमाणोंके विषयमें विवेचन४९८२७६-श्रीकृष्णकी पत्नियों तथा पुत्रोंके संक्षेपसे नाम-निर्देश तथा द्वादश संग्रामोंका संक्षिप्त परिचय५५६
२५६-पैतृक धनके अधिकारी; पत्नियोंका धनाधिकार; पितामहके धनके अधिकारी; विभाज्य और अविभाज्य धन; वर्णक्रमसे पुत्रोंके धनाधिकार; बारह प्रकारके पुत्र और उनके अधिकार; पत्नी-पुत्री आदिके, संसृष्टीके धनका विभाग; क्लीब आदिका अनधिकार; स्त्रीधन तथा उसका विभाग५०२२७७-तुर्वसु आदि राजाओंके वंशका तथा अङ्ग-वंशका वर्णन५५८
२५७-सीमा-विवाद, स्वामिपाल-विवाद, अस्स्वामि-