भारतकोश
अग्नि पुराण

अग्नि पुराण

Agni Purana

महर्षि वेदव्यास द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariHindipublished878 पृष्ठ

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अध्यायविषयपृष्ठ-संख्याअध्यायविषयपृष्ठ-संख्या
२७८-पुरूवंशका वर्णन५५९३१५-स्तम्भन आदिके मन्त्रोंका कथन६४९
२७९-सिद्ध ओषधियोंका वर्णन५६१३१६-त्वरिता आदि विविध मन्त्र एवं कुब्जिका-विद्याका कथन६५१
२८०-सर्वरोगहर औषधोंका वर्णन५६४
२८१-रस आदिके लक्षण५६७३१७-सकलादि मन्त्रोंके उद्धारका क्रम६५१
२८२-आयुर्वेदरोक्त वृक्ष-विज्ञान५६९३१८-अन्तःस्थ, कण्ठोष्ठ तथा शिवस्वरूप मन्त्रका वर्णन; अघोरास्त्र-मन्त्रका उद्धार, ‘विघ्नमर्द’ नामक मण्डल तथा गणपति-पूजनकी विधि६५४
२८३-नाना रोगनाशक ओषधियोंका वर्णन५७०
२८४-मन्त्ररूप औषधोंका कथन५७३
२८५-मृतसंजीवनकारक सिद्ध योगोंका कथन५७४३१९-वागीश्वरीकी पूजा एवं मन्त्र आदि६५६
२८६-मृत्युंजय योगोंका वर्णन५७८३२०-सर्वतोभद्र आदि मण्डलोंका वर्णन६५७
२८७-गज-चिकित्सा५८०३२१-अघोरास्त्र आदि शान्ति-विधानका कथन६५९
२८८-अश्ववाहन-सार५८२३२२-पाशुपतास्त्र-मन्त्रद्वारा शान्तिका कथन६६०
२८९-अश्व-चिकित्सा५८५३२३-गङ्गा-मन्त्र, शिवमन्त्रराज, चण्डकपालिनी-मन्त्र, क्षेत्रपाल-बीजमन्त्र, सिद्धविद्या, महामृत्युंजय, मृतसंजीवनी, ईशानादि मन्त्र तथा इनके छः अङ्ग एवं अघोरास्त्रका कथन६६२
२९०-अश्व-शान्ति५८८
२९१-गज-शान्ति५८९
२९२-गवायुर्वेद५९०
२९३-मन्त्र-विद्या५९२३२४-कल्पाघोर रुद्रशान्ति६६४
२९४-नाग-लक्षण५९९३२५-रुद्राक्ष-धारण, मन्त्रोंकी सिद्धादि संज्ञा तथा अंश आदिका विचार६६६
२९५-दष्ट-चिकित्सा६०३
२९६-पञ्चाङ्ग-रुद्रविधान६०६३२६-गौरी आदि देवियों तथा मृत्युंजयकी पूजाका विधान६६८
२९७-विषहारी मन्त्र तथा औषध६०७
२९८-गोनसादि-चिकित्सा६०८३२७-विभिन्न कर्मोंमें उपयुक्त माला, अनेकानेक मन्त्र, लिङ्ग-पूजा तथा देवालयकी महत्ताका विचार६६९
२९९-बालादिग्रहहर बालतन्त्र६१०
३००-ग्रहबाधा एवं रोगोंको हरनेवाले मन्त्र तथा औषध आदिका कथन६१३
३२८-छन्दोंके गण और गुरु-लघुकी व्यवस्था६७०
३०१-सिद्धि-गणपति आदि मन्त्र तथा सूर्यदेवकी आराधना६१६३२९-गायत्री आदि छन्दोंका वर्णन६७१
३३०-‘गायत्री’ से लेकर ‘जगती’ तक छन्दोंके भेद तथा उनके देवता, स्वर, वर्ण और गोत्रका वर्णन६७१
३०२-नाना प्रकारके मन्त्र और औषधोंका वर्णन६१९
३०३-अष्टाक्षर मन्त्र तथा उसकी न्यासादि-विधि६२०
३०४-पञ्चाक्षर-दीक्षा-विधान; पूजाके मन्त्र६२२३३१-उत्कृति आदि छन्द, गण-छन्द और मात्रा-छन्दोंका निरूपण६७६
३०५-पचपन विष्णुनाम६२६
३०६-श्रीनरसिंह आदिके मन्त्र६२७३३२-विषमवृत्तका वर्णन६८२
३०७-त्रैलोक्यमोहन आदि मन्त्र६२९३३३-अर्धसमवृत्तोंका वर्णन६८५
३०८-त्रैलोक्यमोहिनी लक्ष्मी एवं भगवती दुर्गाके मन्त्रोंका कथन६३१३३४-समवृत्तका वर्णन६८६
३३५-प्रस्तार-निरूपण६९३
३०९-त्वरिता-पूजा६३४३३६-शिक्षानिरूपण६९७
३१०-अपरतत्वरिता-मन्त्र एवं मुद्रा आदिका वर्णन६३६३३७-काव्य आदिके लक्षण६९९
३११-त्वरिता-मन्त्रके दीक्षा-ग्रहणकी विधि६३९३३८-नाटक-निरूपण७०३
३१२-त्वरिता-विद्यासे प्राप्त होनेवाली सिद्धियोंका वर्णन६४१३३९-शृङ्गारादि रस, भाव तथा नायक आदिका निरूपण७०५
३१३-नाना मन्त्रोंका वर्णन६४३३४०-रीति-निरूपण७०८
३१४-त्वरिताके पूजन तथा प्रयोगका विज्ञान६४६३४१-नृत्य आदिमें उपयोगी आङ्गिक कर्म७०९
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