ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)

ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)
Rigvediya Aitareya Brahmana with Hindi Translation
महिदास ऐतरेय / पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय द्वारा
स्रोत: हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · 1950 (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished592 पृष्ठ
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संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 280
२६६ [ चौथी पञ्चिका अनुष्टुभ् उत्पन्न हुआ। त्रिष्टुभ् ने गर्भ धारण किया और पंक्ति हुई। जगती ने गर्भ धारण किया और अतिच्छन्दस् हुआ। यह तीन छन्द जब छः हो गये तो वे ६ पृष्ठों को पा सके। जो इन छन्दों और पृष्ठों की उत्पत्ति के रहस्य को समझ कर इस अवसर पर दीक्षा लेता है उसके लिये और उसके प्रिय जनों के ( जनता के ) लिये यज्ञ कल्याणकारी होता है। (६) ऐतरेय ब्राह्मण की चौथी पञ्चिका का चौथा अध्याय समाप्त हुआ।