ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)
Rigvediya Aitareya Brahmana with Hindi Translation
महिदास ऐतरेय / पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय द्वारा
स्रोत: हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · 1950 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें( ५६० ) प्रतिप्रस्थाता ५२, ८०, ४११ प्रतिराध मन्त्र ४०२ प्रतिष्ठा १८८, १६३, ४६१ प्रतिहर्त्ता ४११ प्रतिहार १८६ प्रत्यभिमर्श ४५३ प्रपद रीति ४७०, ४७१ प्रमंहिष्ठीय २२० प्रयाज १२२ प्रयाज आहुति ३२, ३६, ५१, ७१ प्रवर्ग्य इष्टि ५२, ५३, ५७, ६०-६४, २०६ प्रवह्लिका मंत्र ४०२ प्रस्तर ७२ प्रस्ताव १८६ प्रस्तोता ३३८, ३५३, ४११ प्राश ५६, २४५, २४६ प्रातः सवन १३०, १४१, १५३, १६०, २०७, २१२, २३०, २४४, २५०, ३१६, ३१७, ३२१, ३२३, ३२६, ३३१, ३५३, ३५६, ३६२-३६४, ३६६-३६६, ३७२, ३७४, ३७६, ३८१, ३८६, ४५३, ४५७ प्रातरनुवाक्य ११७, ११८, १२०, १२१, १२८, २५२, २५८, ३५२ प्रायणीय २६, ३५, २१२, २१४, इष्टि २६, ३६, ३७, २०८ प्रायश्चित, गाय बैठ जाय तो ३४४, गाय चिल्ला पड़े तो ३४४, गाय हिल जाय तो ३४५, वेदो में चूक हो तो ३५१, ३५३, अग्नि स्थापित करने पर मरे तो ४१३, प्रवास में मरे तो ४१३, सान्नाय्य खराब हो जाय तो ४१४, हवि बिगड़ने का ४१५, अग्नि में अनुचित वस्तु गिरे तो ४१५, हवि गिर जाय तो ४१५, ४१६,