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अमनस्क योग (गुरु गोरखनाथ - सहज समाधि, तारक योग एवं मनोलय विज्ञान सटीक)

अमनस्क योग (गुरु गोरखनाथ - सहज समाधि, तारक योग एवं मनोलय विज्ञान सटीक)

Amanaska Yoga with Intro by MM Gopinath Kaviraj

गुरु गोरखनाथ (भूमिका: महामहोपाध्याय गोपीनाथ कविराज) द्वारा

DevanagariHindipublished128 पृष्ठ

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[ ५ ] ४—स्कंदपुराण में गोरक्षावतार की कथा मिलती है । ५—गोरक्षनाथ गोपीचन्द्र की माता (मयनामती) के गुरु रूप में स्वीकृत हैं ।१० ६—योगिसंप्रदायाविष्कृति में उन्हें गोदावरी तीर के किसी चन्द्र- गिरि में उत्पन्न बताया गया है । ७ दरबार लाइब्रेरी, नेपाल के गोरक्षसहस्रनाम नामक एक लघु- काय हस्तलेख के एक श्लोक के अनुसार दक्षिण दिशा में स्थित किसी बड़व नामक देश में महामन्त्र के प्रसाद से महाबुद्धिशाली गोरक्षनाथ का अभ्युदय हुआ था । ८—क्रुक्स और ग्रियर्सन द्वारा उद्धृत एक परंपरा के अनुसार गोरक्ष- नाथ सत्ययुग में पंजाब के पेशावर में, त्रेता में गोरक्षपुर में, द्वापर में द्वारिका के भी आगे हुरमुज में और कलिकाल में काठियावाड़ की गोरखमढ़ी में प्रादुर्भूत हुए थे । ९—बंगाल में प्रचलित एक विश्वास के अनुसार गोरक्षनाथ उसी प्रदेश में उत्पन्न हुए थे । १०—नेपाली परम्पराओं के अनुसार गोरक्षनाथ पंजाब से नेपाल गये थे । ११—गोरखपुर के महन्त के अनुसार गुरु गोरखनाथ टिला (झेलम, पंजाब) से गोरखपुर आये थे । १२—नासिक के योगियों का विश्वास है कि वे पहले नेपाल से पंजाब आये और बाद में नासिक की ओर गये थे ।११ १३—सम्प्रदाय में टिला के प्राधान्य को देखकर ग्रिग्स ने अनुमान किया है कि गोरक्षनाथ सम्भवतः पंजाब के निवासी रहे होंगे । १४—कच्छ में प्रसिद्ध है कि गोरक्षनाथ के शिष्य धर्मनाथ पेशावर से कच्छ आये । ग्रियर्सन के अनुसार धर्मनाथ गोरक्षनाथ के सतीर्थ थे । १०. वही, पृ० २६-३० । ११. नाथ सम्प्रदाय—डा० हजारीप्रसाद द्विवेदी, पृ० ६६-६७ ।