भारतकोश
श्रीमदानन्द रामायण (९ काण्ड संपूर्ण - हिन्दी अनुवाद सहित)

श्रीमदानन्द रामायण (९ काण्ड संपूर्ण - हिन्दी अनुवाद सहित)

Srimad Ananda Ramayana Hindi

महर्षि वाल्मीकि / अज्ञात द्वारा

स्रोत: Srimad Ananda Ramayana Complete 9 Kandas with Hindi Translation (उद्गम)

DevanagariHindipublished811 पृष्ठ

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२४८ आनन्दरामायणे [ सर्गः ९


रम्यं पवित्रं रघुनायकस्य श्रीमच्चरित्रं तुरगाश्वमेधोद्भवम् ।
पठन्ति शृण्वंति जनाः सुपुण्यदं लभंति नैवं खलु वांछितं हृदि ॥१००॥

इति श्रीशतकोटिरामचरितांतर्गते श्रीमदानन्दरामायणे वाल्मीकीये यागकाण्डे
रामोत्सवाभ्या नगरप्रवेशो नाम नवमः सर्गः ॥ ९ ॥

यागकाण्डेऽद्भुताः सर्गा नवैव परिकीर्त्तिताः । सपादषट्शतश्लोका रामदासेन वर्णिताः ॥ १ ॥


यज्ञका फल प्राप्त होता है किसी प्रकारका हवन आदि करते समय, श्राद्धकालमें, चातुर्मासमे, व्रतमें, जप, ध्यान और पूजनके पहले सदा इस यागकाण्डका पाठ करना चाहिए इन रम्य तथा पवित्र अश्वमेध-यज्ञसम्बन्धी रामचरित्रको जो लोग पढ़ते और सुनते हैं, वे अपनी अभिलषित कामनाओंको पूर्ण कर लेते हैं ॥९५-१००

इति श्रीमत्कोटिरामचरितान्तर्गते श्रीमदानन्दरामायणे पं० रामतेजपाण्डेयविरचित 'ज्योत्स्ना'-भाषाटीकासमन्विते यागकांडे यज्ञसमाप्तिर्नाम नवम' सर्ग ॥ ९ ॥

इस यागकाण्डमें कुल नौ सर्ग और ६२५ श्लोकोंका रामदासने वर्णन किया है । १ ॥


इति श्रीमदानन्दरामायणे यागकाण्ड समाप्तम् ।

श्रीरामचन्द्रार्पणमस्तु