भारतकोश
श्रीमदानन्द रामायण (९ काण्ड संपूर्ण - हिन्दी अनुवाद सहित)

श्रीमदानन्द रामायण (९ काण्ड संपूर्ण - हिन्दी अनुवाद सहित)

Srimad Ananda Ramayana Hindi

महर्षि वाल्मीकि / अज्ञात द्वारा

स्रोत: Srimad Ananda Ramayana Complete 9 Kandas with Hindi Translation (उद्गम)

DevanagariHindipublished811 पृष्ठ

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पृष्ठ 773
४६६आनन्दरामायणे[ सर्गः १८

। २६६। अद्वैतवर्णनम् ॥ १०७ ॥ कवचद्वयम् ॥ ८८ । सीताकवचम् । १०३ ॥ लक्ष्मण-भरत-शत्रुघ्नकवचानि ॥ १८४ ॥ हनुमत्पताकारोपणम् । ६५॥ साररामायणम् । १५२ ॥ शरसेतुभङ्गः ॥ ५३ ॥ इति प्रकरणानि । एवं मिलित्वा मनोहरकांडे श्लोकसंख्या ॥३१००॥ इयं मंत्रवृत्तादिरहिता संख्याऽस्ति ।


वेदादिकाव्यपूजामें १२७, द्विषोषकालकी पूजामें १९३, चैत्रमहिमात्रर्णनमें १६७, पिशाचमुक्तिमें २६६, अद्वैतवर्णनमें १०७, हनुमत्कवच तथा रामकवचमें ८८, सीताकवचमें १०३, लक्ष्मण भरत तथा शत्रुघ्नकवचमें १८४, हनुमत्पताकारोपणमें ६५, साररामायणमें १५२ और शरसेतुभङ्गमें ५३ श्लोक कहे गये हैं और ये ही १८ प्रकरण वर्णित हैं। सब मिलाकर ३१०० श्लोक इस काण्डमें हैं। किन्तु यह संख्या मन्त्र और वृत्त आदिकी संख्या छोड़कर बतायी है।

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॥ इति आनन्दरामायणे मनोहरकाण्डं समाप्तम् ॥

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श्रीरामचन्द्रार्पणमस्तु ।