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भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 1053, कुल 2600 में से

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पृष्ठ 1053

यविधोप्यर्थः विकल्पेन स्वीकार्य इति प्राप्ते" Wait, "उभयविधोप्यर्थः": उ (u) + भ (bha) + य (ya) + वि (vi) + ध (dha) + ो (o) + ऽ (avagraha) + प्य (pya) + र्थः (rthaḥ) Yes, "उभयविधोऽप्यर्थः"!

Next in L30: "उक्तम् । शास्त्रीयधर्मविबोधे शास्त्रप्रसिद्धिर्बलीयसी प्रत्यासन्नत्वाद्विच्छिन्नपारंपर्याद्गतत्वाच्च शास्त्रे च" Wait, "प्रत्यासन्नत्वाद्विच्छिन्नपारंपर्याद्गतत्वाच्च"? Wait, look at "विच्छिन्न": Is it "विच्छिन्न" or "अविच्छिन्न"? Look before 'वि': "त्वाद्विच्छिन्न" -> त्व + आद् + अविच्छिन्न = त्वादविच्छिन्न! Let's check the letters: त् (t) + व (va) + ा (ā) + द (da) + वि (vi)? Wait, look at: "प्रत्यासन्नत्वादविच्छिन्नपारंपर्यागतत्वाच्च"? Let's zoom in on that word in L30: प्र (pra) + त्या (tyā) + स (sa) + न्न (nna) + त्वा (tvā) + द (da