भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 1078, कुल 2600 में से

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पृष्ठ 1078

" - that is सुषुप्ति, i.e., स्वाप! Wait, let's keep what's printed: looks like "स्वापतेत्यादीति" or "श्वापतेत्यादीति". Wait, look at 'श्वा': it has the round loop of 'श' at the top left. But wait, in this font, 'स्वा' has 'स' connected to 'व'. Notice 'स्व' in line 18: 'स्वप्नं' has 'स्व'. The letter in line 17 has the same 'स्व' with 'ा': 'स्वा'! But wait, is it 'स्वा'? Let's look at 'स्वा' in line 4: 'स्वाराज्य' - exactly the same! So it is 'स्वाप...'. But wait, is it 'स्वापतेत्यादीति'? Yes, 'स्वा' + 'प' + 'ते' + 'त्या' + 'दी' + 'ति' = "स्वापतेत्यादीति श्रुतिं" (or maybe misprint for स्वापे तथेत्यादीति).

Let's check line 19: "ब्रह्मधर्मत्वम् । नन्वत्रापि ब्रह्मणः एकविधत्वं तत्प्रमाणं बादरायणस्यानपेक्षत्वादित्यौत्पत्तिकसूत्र-" Wait, look at: "एकविधत्वं" or "एकविधत्वे"? "एकविधत्वं". Line 20: "शेषादिति शङ्क्यम् । आस्माथिकः