भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 1133, कुल 2600 में से

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पृष्ठ 1133

ति" - wait, "द्ध" or "द्ध्य"? It is "सिद्ध्यति" (the 'ध्य' has the loop of 'ध' and 'य'). Let's transcribe as "सिद्ध्यति" or "सिद्धति"? It's standard "सिद्ध्यति". Looking closely, it has a subscript, standard ligature for "द्ध्य" in Nirnaya Sagar Press fonts.

Let's check line 32: "माध्वमतमुपचिक्षेपुः" - yes, 'मा' + 'ध्व' + 'म' + 'त' + 'मु' + 'प' + 'चि' + 'क्षे' + 'पुः'.

Let's check line 33: "माध्वास्त्विति । प्रकृतिपरिणामो न जगदिति शंकरभाष्ये तत्सूत्रं भक्त्वा संप्रयोजकमित्यन्येषां तु" 'भ' + 'क्त्वा' = भक्त्वा. Exactly.

Let's check line 35: "साक्षात्पदार्थमाहुः एष ह्येष इति" - yes.

Let's check line 36: "समवायिलक्षणाङ्गीकारे" - yes.

Let's check line 37: "अभिधीयत इति अभिधानं क्रियते प्रकृतिरित्यत्र ब्रूमो किञ्च ।" Wait, at the bottom, there is the page number: "1036" And at top:

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