अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)
Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary
महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा
पृष्ठ 1983, कुल 2600 में से
संदर्भ में पढ़ें। ध्रौव्येति पाठः । उत्सेढं । ध्रुवमेव ध्रौवं Wait:उत्सेढंorउस्सेढं? Look at line 34: उस्सेढं- wait, it hasउ+स्से+ढं->उस्सेढं! Wait, what does the footnote say? Footnote line: १. अतिथ्याया इति पाठः । २. घ्र. वात, ध्रौवाग्यादिति पाठौ । Wait, let's read footnote 2 carefully: २. घ्र. वात, ध्रौवाग्यादिति पाठौ ।-> Wait,२. ध्र. वात,orध्र. वातं? Look at footnote 2: २. ध्र. वात, ध्रौवाण्यादितिorध्रौवाग्यादिति? Wait! In line 34: ध्रौव्याम् । ध्रौव्येति पाठः । Look at footnote 2: २. ध्र. वात, ध्रौवाग्यादिति पाठौ ।wait, is thatध्र. वातorध्रौवात, ध्रौव्यादिति`?
Let's zoom in on footnote 2: