अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)
Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary
महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा
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? No, look at के in शक्यम् right before it: क has a loop on left, hook on right.
Now look at the letter in question: it has a loop on the left, and a hook on the right! It IS क! And it has an े matra!
Wait, why तदर्थकेति? Ah: तदर्थक + इति = तदर्थकेति!
"जानातीच्छति यतत इति क्रमेणाहुस्तदर्थकेति ।" -> Meaning: "[The word in Prakāśa] means that (तदर्थक इति)!"
OR does it mean तदर्थकेति as a quote? YES! "तदर्थक इति" -> तदर्थकेति!
Wait, look at whether there is an े over र्थ: no, the े is over क!
Let's look: त द र्थ के ति -> तदर्थकेति!
YES! तदर्थकेति! तदर्थक + इति! Brilliant!
* Now let's check line 23:
`यज्ञादीनामिति । ज्ञानजनकत्वात् पञ्चरात्राशक्ताश्च ज्ञानरूपाणाम् । ज्ञानं प्रतीति । भक्तिं प्रति ।`
Wait, `पञ्च