अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)
Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary
महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें(is there "मुक्तेः"?) Wait, look at line 31: "मुक्तिफलत्व इति मुक्तस्य मुक्तेः फलत्वे" - wait! Between "मुक्तस्य" and "फलत्वे": Look at the characters: म ु क ् त े ः ? No! Look: "मुक्तिफलत्व इति मुक्तस्य" then: Wait, look at the letters: There is "मुक्तेः"? No! Wait: "इति" "मुक्तस्य" Then: "मु" "क्तेः"? No, it's just: Wait! Let's count characters in line 31: "ग्रहेण पुष्टौ प्रवेशने भवतीति वक्ष्यमाणभाष्यात् । मुक्तिफलत्व इति मुक्तस्य मुक्तेः फलत्वे साध-" Wait! Let's look between 'मुक्तस्य' and 'फलत्वे': Is 'मुक्तेः' there? Wait: "म ु क ् ति फ ल त् व इ ति" "म ु क ् त स्य" Wait, after 'मुक्तस्य', what is that word? Is it 'मुक्तेः'? It has: 'म' with 'ु' (mu), then 'क' with '्' and 'त' with 'े' and visarga (क्तेः)! Yes! 'मुक्तेः'! Then 'फलत्वे' (phalatve): 'फ'