भारतकोश
अनुरागसागर वाणी

अनुरागसागर वाणी

Anuragsagar Vani

स्वामी मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: साहिब बंदगी आध्यात्मिक संस्थान · साहिब बंदगी (उद्गम)

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साहिब बन्दगी

सो साहिब मोहि वरणि सुनाओ । करो दया जनि मोहि दुराओ ॥

धर्मदास ने कहा कि कौन-2 सी खानि में कौन-2 से तत्व हैं, कृपा करके मुझे समझाकर कहिए, छिपाइए मत।

साहिब ने कहा

खानि अंडज तीन तत्व हैं, अप वायु अरु तेज हो।

अचल खानि एक तत्वहि, तत्व जल का थेग हो ॥

साहिब ने कहा कि अंडज खानि में तीन तत्व हैं-पानी, हवा और अग्नि। दूसरी ओर अस्थार में एक ही तत्व है-जल।

ऊष्मज तत हैं दोय, वायु तेज सम जानिये।

पिंडज चारहिं सोय, पृथ्वी तेज अप वायु सम ॥

उकमज में दो तत्व हैं-वायु और अग्नि। पिंडज में चार तत्व हैं-पृथ्वी, अग्नि, जल और वायु।

पिंडज नर की देह सँवारा । तामें पाँच तत्व विस्तारा ॥

ताते ज्ञान होय अधिकाई । गहे नाम सत लोकहिं जाई ॥

पिंडज की मनुष्य खानि में पाँच तत्व हैं, इसलिए उसमें अधिक ज्ञान है और वो नाम के सहारे अमर लोक जा सकता है।

दुर्लभ मानुष जन्म है, मिले न बारम्बार। तरुवर ज्यों पत्ती झड़े बहुरि न लागे डार ॥