भारतकोश
अपराजितपृच्छा (भुवनदेवाचार्य - प्राचीन मन्दिर, प्रासाद, कला एवं वास्तु महाग्रन्थ सटीक)

अपराजितपृच्छा (भुवनदेवाचार्य - प्राचीन मन्दिर, प्रासाद, कला एवं वास्तु महाग्रन्थ सटीक)

Aparajitapriccha of Bhuvanadeva with Commentary by Shrikrishna Jugnu

भुवनदेवाचार्य (टीकाकार: डॉ. श्रीकृष्ण 'जुगनू') द्वारा

DevanagariHindipublished535 पृष्ठ

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सूत्र-४२ 197 समुद्राद्रिद्वीपनगा कन्या यक्ष स्वर नाद खण्डाग्रम ? (खण्डाङ्गम्)। ऋषिमुनीन्द्रसप्तलोकसूर्याश्व (श्व ?) पातालानि सप्तानाम् ॥ ७ ॥ संख्या 7 के लिए समुद्र, अद्रि, द्वीप, नग, कन्या, यक्ष, स्वर, नाग खण्डाग्र ?, खण्डाङ्गम, ऋषि, मुनीन्द्र, सप्तलोक, सूर्याश्व, पाताल— ये सात संख्या के पर्याय हैं। शैलान्वय वसुपद्मदल जातिक्रमच्छन्दांसि ? । व्यक्तिगम स्वराप्रमानशंभव अष्टानाम् ? ॥ ८ ॥ संख्या 8 के लिए शैल, अन्वय, वसु, पक्षदल, जातिक्रम, छन्द ? व्यक्तिगम, स्वर, आप्रमान— ये संख्या आठ के पर्याय हैं। अलङ्कार रन्ध्र प्रदेश अङ्गस्थान कत्याहस्ताङ्गलवण( ?कुलमुद्रणां )। भू वरिष्ठं ताराष्टैक क्रमोद्भव नवानाम् ? ॥ ९ ॥ संख्या 9 के लिए अलङ्कार, रन्ध्र, प्रदेश, अङ्गस्थान, कत्या, हस्ताङ्ग, लवण, भू, वरिष्ठ, ताराष्टैक— ये संख्या नौ के पर्याय हैं। निस्वरादिकविष्ण्वतारप्रदेशैकनखार्धस्वरताल दशानाम ? संख्या 10 के लिए निस्वरादिक्, विष्णु के अवतार, प्रदेश, नख, अर्धस्वर और ताल— ये दस की संख्या के पर्याय है। दशैकरुद्रभूताद्विगोकर्णशातत्वेकादशानाम् ? संख्या 11 के लिए दशैक (दस + एक), रुद्र, भूताद्विगोकर्णशतत्वे ?— ये ग्यारह के पर्याय हैं। तालवितस्तिमुखवदनसूर्यमासा केशं च भानु रुद्रैक शिव द्वादशानाम् ? संख्या 12 के लिए ताल, वितस्ति, मुख, वदन, सूर्य, मास, केश, भानु, रुद्रैक व शिव— ये बारह संख्या के पर्याय हैं। दैत्यादि सुरेन्द्रादित्या सूर्यैक खात त्रिदशास्त्रयोदशसुवाचकाः ? संख्या 13 के लिए दैत्य, सुरेन्द्र, आदित्य, सूर्यैक, खात, त्रिदशा, त्रयोदश अर्थात् तेरह संख्या के पर्याय हैं। भुवनमनुव्यक्ति शाक्तेन्द्र खण्डल द्विसप्तमन्वन्तर चतुर्दशानाम् ? इसी प्रकार संख्या 14 के लिए भुवन, मनु, व्यक्ति, शाक्तेन्द्र, खण्डल, द्विसप्त और मन्वन्तर— ये चौदह संख्या के पर्याय हैं। तिथिर्मासार्ध पञ्चदशानाम्।